19 February 2019



राष्ट्रीय
कश्मीर में ईद पूर्व बड़े आतंकी हमले की योजना का खुलासा
01-08-2013
जम्मू कश्मीर में स्थानीय आतंकियों के सबसे बड़े आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने ईद-उल फितर से पूर्व उत्तरी कश्मीर में पांच सरंपचों को मौत के घाट उतारने के अलावा सुरक्षाबलों पर हमले व कई नागरिकों की हत्या की साजिश रची है। इस साजिश को अंजाम देने के लिए हिज्ब ने एक पिस्तौल स्क्वाड भी बनाया है।

अलबत्ता, यह साजिश फिलहाल नाकाम हो गई है,क्योंकि पिस्तौल स्क्वाड के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए हिज्ब आतंकियों ने ही वादी में आतंक फैलाने की साजिश का खुलासा किया है। यह वही चार आतंकी हैं, जिन्होंने गत सप्ताह क्रेंशवन कालोनी में सरपंच खिजर मोहम्मद पर जानलेवा हमला करने के अलावा गत रविवार को एसपीओ मुदस्सर अहमद डार की उसके घर में घुस कर हत्या कर दी थी।

दैनिक जागरण ने गत बुधवार को अपने समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट में बताया था कि पुलिस ने एसपीओ की हत्या में शामिल दो आतंकियों आसिफ अहमद डार और आकिब रमजान को गिरफ्तार कर लिया है। इन दो की निशानदेही पर दो और आतंकी पकड़ें गए थे।

एसपी सोपो इम्तियाज हुसैन मीर ने बताया कि एसपीओ मुदस्सर अहमद डार की हत्या की जांच के दौरान कुछ लोगों ने आसिफ अहमद के बारे में बताया था। इस पर जब आसिफ को पकड़ने के लिए उसके घर छापा मारा गया तो उसने पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास किया। उसने पुलिस पर गोली भी चलाने का प्रयास किया था,लेकिन पिस्तौल लॉक हो गई। अलबत्ता,वह पकड़ा गया। उसके बाद आकिब रमजान को पकड़ा गया। इन दोनों के पास से पिस्तौल, ग्रेनेड और अन्य आपत्तिजनक सामान पकड़ा गया।

आसिफ और आकिब ने पूछताछ के दौरान अपने दो अन्य साथियों महराजुदीन राथर और फैयाज अहमद लोन के नाम बताए। इन दोनों को पुलिस ने आरआर व सीआरपीएफ के सहयोग से गत बुधवार एक विशेष अभियान के दौरान पकड़ा। इनकी निशानदेही पर भी हथियारों का एक बड़ा जखीरा मिला।

इन चारों से जब पूछताछ शुरू हुई तो इन्होंने हिजबुल मुजाहिदीन द्वारा सोपोर, बारामुला और उससे लगे इलाकों में तबाही की तैयार की गई साजिश का खुलासा किया। पकडे़ गए आतंकियों ने बताया कि हिजबुल मुजाहिदीन के दो कमांडरों इम्तियाज अहमद कांडू उर्फ फैयाज और महराजुदीन हलवाई की कमान में काम रहे हैं। कांडू और हलवाई ने संग्रामा-सोपोर इलाके में ईद के दौरान पांच सरपंचों को मौत के घाट उतारने के अलावा सुरक्षाबलों पर हमले की एक बड़ी साजिश रची है।

कांडू और हलवाई गुलाम कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन सुप्रीमो सैय्यद सल्लाहुदीन के साथ सीधे संपर्क में हैं। सल्लाहुदीन ही तय करता है कि पंच-सरपंचों को कब निशाना बनाना है और कब नहीं। पकडे़ गए आतंकियों ने बताया कि सल्लाहुदीन के आदेश के बिना किसी सरपंच को मौत के घाट नहीं उतारा जाता।

इस बीच, डीआइजी उत्तरी कश्मीर रेंज जेपी सिंह ने बारामुला में पत्रकारों को बताया कि सोपोर में पंच-सरपंचों और पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल चार हिज्ब आतंकियों आसिफ, आकिब, मेहराजुदीन और फैयाज को पकड़ लिया गया है। इनके दो हैंडलरों कांडू और हलवाई की तलाश की जा रही है। पकडे़ गए चारों आतंकियों ने ही गत रविवार को एसपीओ मुदस्सर की हत्या से पूर्व सरपंच खिजर मोहम्मद पर जानलेवा हमला किया था।

उन्होंने बताया कि आसिफ एक ड्रग एडिक्ट होने के अलावा खतरनाक पत्थरबाज व आतंकियों का ओवरग्राऊंड वर्कर भी रहा है। उसके खिलाफ सोपोर में विघटनकारी गतिविधियों से संबधित एक दर्जन के करीब मामले दर्ज हैं जबकि आकिब का कोई पुराना आतंकी रिकार्ड नहीं है।

डीआइजी ने बताया कि आसिफ और आकिब की निशानेदही पर पकडे़ गए फैयाज और मेहराजुदीन पूर्व आतंकी हैं। महराजुदीन पाक प्रशिक्षित आतंकी है जो वर्ष 2000 में ट्रेनिंग के लिए पार गया था। वह वर्ष 2003 में बारामुला में पकड़ा गया।

जेल से छूटने के बाद महराजुदीन ने जैश-ए- मोहम्मद का दामन थाम लिया था। पुलिस ने उसे एक विशेष कार्रवाई के दौरान दो साल पहले वर्ष 2011 में जकूरा-श्रीनगर में हथियारों के साथ पकड़ा था। करीब एक साल पहले वह जेल से छूटा था। महराजुदीन के पिता गुलजार अहमद भी आतंकी संगठनों के लिए काम करता है। पुलिस ने उसे वर्ष 2005 में पट्टन के पास जाली करंसी संग पकड़ा था।

फैयाज अहमद भी बीते आठ सालो से आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रहा है। वह मारे जा चुके दो आतंकी कमांडर इश्तियाक पीर और जहूर गनई उर्फ विक्की का ओवरग्राऊंड वर्कर भी रहा है।