15 February 2019



राष्ट्रीय
गुजरात: मुख्यमंत्री आवास योजना के फॉर्म वितरण शुरू
01-08-2013

अहमदाबाद। विधानसभा चुनाव से पहले गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए 50 लाख आवास बनाने की मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के तहत गुजरात हाउसिंग बोर्ड ने मुख्यमंत्री आवास योजना के फॉर्म वितरण का काम शुरू कर दिया है। बोर्ड अध्यक्ष जयंती बारोट ने बताया कि सालाना 25 से 40 हजार फ्लैट बनाए जाएंगे जिनकी कीमत 11 से 22 लाख रुपए होगी। शाहीबाग एनेक्सी में गुरुवार को पूर्व सांसद व बोर्ड अध्यक्ष जयंती लाल बारोट ने पत्रकारों को बताया कि चुनावी घोषणा पत्र पर अमल करते हुए राज्य सरकार ने लंबे समय बाद हाउसिंग बोर्ड को गरीबों के लिए सस्ते दरों पर मकान बनाने के लिए 85 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। प्रथम चरण में सूरत, राजकोट व वडोदरा में निमन् आय व मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए दो कैटेगरी के फ्लैट बनाए जाएंगे। हाउसिंग बोर्ड के पास वर्तमान में दो सौ एकड़ भूमि है जिस पर तेरह मंजिला फ्लैट बनेंगे, दूसरे चरण में अहमदाबाद में भी इन मकानों का निर्माण होगा।

निम्न आय वर्ग एक लाख से ढाई लाख रुपये सालाना कमाने वाले तथा मध्यम आय वर्ग ढाई से पांच लाख रुपये सालाना कमाने वालों के लिए एलआईजी व एमआईजी कैटेगरी के फ्लैट बनाए जाएंगे जिनकी कीमत क्रमश 11 व 22 लाख रुपये होगी। बोर्ड के जरिए गुजरात सरकार ने पिछले दस वर्ष में एक लाख 76 हजार आवासों का निर्माण कराया है लेकिन अगले पांच वर्ष में सालाना 25 से 40 हजार मकानों का निर्माण कराया जाएगा। इम्पेक्ट फी की तिथि बढ़ाई : बोर्ड अध्यक्ष बारोट ने बताया कि गुजरात में अनाधिकृत निर्माण की गई आवासीय व व्यापारिक संपत्ति के नियमन के लिए सरकार ने सरल इम्पेक्ट फी नियम बनाकर संपत्ती के नियमन के लिए आवेदन की तिथि 19 अगस्त तक बढ़ा दी है। सरकार की ओर से संपत्ति के नियमन के लिए सरकार ने तीसरी बार तिथि बढ़ाई है। इसके लिए हाउसिंग बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर संबंधित स्थानीय निकाय में संपत्ति के नियमन के नियमन के लिए आवेदन करना होगा। धोलेरा सर पर अडिग है सरकार : मांडल बेचराजी के पास धोलेरा सर के खिलाफ किसान जमीन अधिकार आंदोलन के तहत एकजुट हो रहे हैं, सर की अधिसूचना वापस नहीं लेने पर किसानों ने आगामी 17 से 19 अगस्त को गांधीनगर में घेराव का ऐलान कर दिया है। वहीं, सरकार ने भी धोलेरा को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना आगे रखते हुए इसकी अधिसूचना रद्द करने से साफ इन्कार कर दिया है। गुजरात सरकार ने मांडल बेचराजी समेत राज्य में 13 स्पेशल इन्वेस्टमेंट रिजन घोषित किए हैं, बेचराजी सर के लिए सरकार ने किसानों के विरोध के बावजूद 13 मई 2013 को एक अधिसूचना जारी कर सर व धोलेरा को स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा कर दी है। जमीन अधिकार आंदोलन व कई सर्वोदय संस्थाओं की अगुवाई में किसान इसका विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि 44 गांवों की 58 हजार एकड़ उपजाऊ जमीन किसानों से छीनकर उद्योगों को सस्ते दामों पर दी जा रही है। किसानों ने सरकार को अधिसूचना रद्द करने की चेतावनी देते हुए ऐसा नहीं करने पर 17 से 19 अगस्त को गांधीनगर के घेराव का ऐलान किया है। राज्य सरकार का कहना है कि जहां कुछ किसान सर के खिलाफ हैं वहीं कई किसान इसके समर्थन में भी हैं, सरकार अब उद्योग व खेती साथ साथ रखने की योजना पर भी विचार कर रही है ताकि किसानों के विरोध को कम किया जा सके लेकिन सर को लेकर अब सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है, जानकार बताते हैं कि एक सर की योजना को वापस लेने के बाद बाकी 12 दूसरे स्पेशल इन्वेस्टमेंट रिजन के खिलाफ भी आवाज उठना शुरू हो सकती है।