17 February 2019



प्रादेशिक
अछूत का बच्चा स्कूल में नहीं पढे़गा
01-08-2013

भिण्ड/ गोहद। अछूत जाति के हो, तुम्हारा बच्चा हमारे स्कूल में नहीं पढ़ेगा। तुम्हारे एक बच्चे को प्रवेश देकर हम स्कूल बर्बाद नहीं करेंगे। फीस जमा कर लेने के तीसरे दिन 4 साल के बच्चे को स्कूल से भगा दिया गया। पिता जब शिकायत लेकर पहुंचा तो स्कूल संचालक ने उससे यह बात कही। बच्चे को स्कूल से भगा दिए जाने का यह मामला एसडीएम गोहद तक पहुंच है। मामले की जांच बीईओ को सौंपी गई है।

संतोष वाल्मीकि निवासी वार्ड नंबर 5 ने अपने 4 साल के बेटे अनुभव का दाखिल 29 जुलाई को इटायली गेट के पास दि नेशनल कान्वेन्ट स्कूल में करवाया था। उन्होंने 2 हजार रपए बतौर शुल्क जमाकर रसीद भी ले ली थी। बुधवार को अनुभव स्कूल पहुंचा तो स्कूल संचालक ने उसका नाम पूछा। उसने जैसे ही अपना नाम व सरनेम बताया, स्कूल संचालक ने तुरंत ही उसे क्लास से भगा दिया। अनुभव के पिता संतोष स्कूल पहुंचकर संचालक से इसका विरोध जताया तो उन्हें जवाब मिला कि तुम अछूत हो, इसलिए तुम्हारा बेटा यहां नहीं प़़ढ सकता है। संतोष ने इसकी लिखित शिकायत एसडीएम गोहद से की है। मामले की जांच बीईओ को सौंपी गई है।

बीपीएल का कार्ड, फिर भी नहीं मिला नि:शुल्क प्रवेश

संतोष वाल्मीकि के पास बीपीएल का कार्ड भी है। फिर भी स्कूल संचालक द्वारा 7150 रुपए फीस बताई गई, जिसमें से संतोषष ने दो हजार रपए जमा भी कर दिए थे। 5150 रुपए अगले माह जमा करने के लिए स्कूल संचालक द्वारा कहा गया थ। बकौल संतोषष उसने नि:शुल्क प्रवेश देने के लिए कहा था, जब संचालक नहीं माना तो उसने सामान्य तरीके से बच्चे का एडमिशन करा दिया। इसके बाद भी उसे स्कूल से भगा दिया गया।

संतोष वाल्मीकि, निवासी वार्ड--5 गोहद ने बताया कि मेरे 4 वर्षीय बच्चे को स्कूल में प्रवेश मिल गया था, लेकिन जब स्कूल संचालक को पता चला कि में अछूत हूं तो उसने बच्चे को स्कूल से ही निकाल दिया। इस संबंध में एसडीएम, कलेक्टर व एसपी को भी शिकायत की है।

एसपी त्रिपाठी, एसडीएम, गोहद ने कहा कि अछूत होने के कारण बच्चे को स्कूल से निकाल दिए जाने की शिकायत आई है। जांच बीईओ को सौंपी जा रही है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।