19 February 2019



खेलकूद
याद आई वीरू की वह ऐतिहासिक पारी
29-03-2012
खेल डेस्क. विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग जब लय में होते हैं तो दुनिया का कोई गेंदबाज उनके सामने टिक नहीं पाता। साल 2004 में पाकिस्तान के मुल्तान क्रिकेट स्टेडियम में सहवाग ने ऐसा ही रौद्र रूप लेकर भारतीय क्रिकेट इतिहास का पहला तिहरा शतक जड़ा था।28-31 मार्च 2008 को खेले गए मुल्तान टेस्ट के दूसरे दिन सहवाग ने अपनी ट्रिपल सेंचुरी पूरी की थी। उस मैच में सहवाग को रोक पाना पाकिस्तानी गेंदबाजों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। शोएब अख्तर से लेकर सकलैन मुश्ताक तक सहवाग के सामने पस्त हो गए थे।सहवाग ने अपना 50वां रन चौके के साथ पूरा किया था। इसके बाद उन्होंने 100वां और 300वां रन छक्के के साथ पूरा किया। वीरू ने इस शानदार पारी में 375 गेंदों का सामना करते हुए 39 चौके व 6 छक्के लगाते हुए 309 रन बनाए थे। सहवाग को 127वें ओवर में मोहम्मद समी ने जाकर रोका था। समी ने सहवाग को तौफीक उमर के हाथों लपकवाकर आउट किया था। लेकिन तब तक वो इतिहास रच चुके थे।सहवाग ने शोएब अख्तर के खिलाफ 77 गेंदों में 62 रन बनाए थे। इसमें 6 चौके और 1 छक्का शामिल थे। वीरू के बल्ले की मार सबसे ज्यादा पाकिस्तान के स्टार स्पिनर सकलैन मुश्ताक को पड़ी थी। सहवाग ने मुश्ताक की 80 गेंदों का सामना करते हुए 8 चौकों व 4 छक्कों की मदद से 91 रन बनाए थे।भारत ने इस मैच में पाकिस्तान को पारी और 52 रन के बड़े अंतर से हराया था।