16 February 2019



राष्ट्रीय
दोषी सांसदों की सदस्यता संबंधी फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका
03-08-2013

नई दिल्ली। सांसदों और विधायकों को किसी मामले में दो साल से ज्यादा की सजा होने पर उनकी सदस्यता रद्द करने और जेल में बंद विधायकों व सांसदों को चुनाव लड़ने से रोकने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ शनिवार को पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक अगर सांसदों और विधायकों को किसी भी मामले में दो साल से ज्यादा की सजा हुई तो ऐसे में उनकी सदस्यता रद्द हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 8 (4) निरस्त कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने इन ऐसे प्रत्याशियों को एक राहत जरूर दी है कि सुप्रीम कोर्ट का कोई भी फैसला इनके पक्ष में आएगा तो इनका सदस्यता स्वत: ही वापस हो जाएगी। कोर्ट ने दोषी निर्वाचित प्रतिनिधि की अपील लंबित होने तक उसे पद पर बने रहने की अनुमति देने वाले जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधान को गैरकानूनी करार दिया। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के मुताबिक, इतना ही नहीं, कैद में रहते हुए किसी नेता को वोट देने का अधिकार भी नहीं होगा और न ही वे चुनाव लड़ सकेंगे। फैसले के मुताबिक, जेल जाने के बाद उन्हें नामांकन करने का अधिकार नहीं होगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद यह ऐतिहासिक फैसला दिया है।