18 February 2019



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अब महाधिवक्ता को भी 'लाल बत्ती'
06-08-2013
प्रदेश में किसे लाल बत्ती दी जाए किसे पीली बत्ती इसे लेकर राज्य सरकार उलझी हुई है। यही वजह है कि परिवहन महकमें द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद बार-बार अधिसूचना में संशोधन किया जा रहा है। जिसे लाल बत्ती का दर्जा नहीं मिलता वह सरकार के पास जाकर खड़ा हो जाता है। हाल ही में एक बार फिर राज्य सरकार ने लाल-पीली बत्ती की पात्रता सूची में संशोधन किया है। इसके मुताबिक अब महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता को अपने वाहन पर लाल बत्ती लगाने की पात्रता होगी। इसके पहले 10 जुलाई को जारी की गई अधिसूचना में इन्हें पीली बत्ती की पात्रता वाली सूची में रखा गया था।

परिवहन विभाग द्वारा 3 अगस्त को जारी की गई अधिसूचना में जिन जनप्रतिनिधियों को राज्य सरकार द्वारा मंत्री और राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है। इन्हें अपने वाहन पर पीली बत्ती लगाने की पात्रता होगी। इसके पहले स्पष्ट उल्लेख न होने के कारण अब तक यह लोग लाल बत्ती का उपयोग कर रहे थे। वहीं राज्य शिष्टाचार अधिकारी के कार्य के महत्व को देखते हुए उन्हें एक बार फिर से पीली बत्ती का दर्जा दिया है। इसके पूर्व उनका नाम इस सूची से काट दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने पहले लोकायुक्त, विधानसभा उपाध्यक्ष और मानव अधिकार आयोग, मुख्य सचिव और डीजीपी से लाल बत्ती का दर्जा छिन कर पीली बत्ती का दर्जा दिया था। लेकिन भारी दबाब के चलते इन्हें तत्काल लाल बत्ती का दर्जा लौटाया गया। इसी प्रकार हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को छो़़डकर हाईकोर्ट के अन्य जजों से लाल और जिला सत्र न्यायाधीश को छो़़डकर अन्य न्यायिक अधिकारियों से पीली बत्ती का दर्जा छिन लिया गया था। नाराजगी के बाद मामले को बिग़़डते देख राज्य सरकार ने आनन फानन में संशोधन जारी कर हाईकोर्ट के सभी जजों को लाल और जिला सत्र न्यायाधीश से लेकर न्यायिक अधिकारियों को पीली बत्ती पात्रता के आदेश जारी किए।

प्रमुख सचिव और तहसीलदारों को पीली बत्ती

पिछली अधिसूचना में मुख्य सचिव के समकक्ष अधिकारी को पीली बत्ती की पात्रता में रखा गया था। इस सूची में प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के पद को शामिल न किए जाने से वे खासे नाराज हो गए थे। उनकी नाराजगी को देखते हुए नई अधिसूचना में प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को पीली बत्ती की पात्रता में रखा गया है। वहीं कार्यपालिक दण्डाधिकारी [तहसीलदार] को भी फिर से पीली बत्ती का दर्जा वापस लौटाया गया है।