17 February 2019



प्रादेशिक
मदरसों में भी पढ़ाई जाएगी गीता
06-08-2013
मध्यप्रदेश के मदरसों में भी अब गीता का पाठ पढ़ाया जाएगा। राज्य शासन ने कक्षा पहली व दूसरी की विशिष्ट उर्दू व विशिष्ट अंग्रेजी की किताब में इसी सत्र से गीता प्रसंग का एक अध्याय जो़़डने की अधिसूचना जारी कर दी है। कक्षा तीसरी से आठवीं तक सामान्य हिन्दी में गीता के प्रसंग प़़ढाए जाएंगे।

शिक्षा के भगवाकरण के आरोपों के बावजूद राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक अधिनियम में संशोधन कर अब मदरसों में उर्दू पाठ्यक्रम में भी गीता की शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है। इस संशोधन के तहत कक्षा पहली और दूसरी की विशिष्ट उर्दू व अंग्रेजी के साथ चालू शैक्षणिक सत्र 2013-14 से ही भगवद् गीता के अध्याय पढ़ाए जाने का आदेश जारी कर दिया है। राज्य शिक्षा केंद्र व मप्र मदरसा बोर्ड से संबद्ध सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह नियम अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कक्षा 3 से 8 तक गीता के अध्याय सामान्य हिन्दी के पाठ्यक्रम में जोडे़ जाएंगे। बाइबिल-कुरान भी पढ़ाएं: ईसाई महासंघ

मध्यप्रदेश कैथोलिक काउंसिल के प्रवक्ता फॉदर जानी पीजे ने सरकार के फैसले के खिलाफ प्रतिक्रिया में कहा कि धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में यह फैसला उचित नहीं है। यदि सरकार की नीयत साफ है तो गीता के साथ बाइबिल और कुरान के भी अध्याय पाठ्यक्रम में शामिल कर लिए जाएं।

मध्यप्रदेश इसाई महासंघ के संयोजक आनंद मुंटुगल ने कहा कि हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर विचार कर सकते हैं। महासंघ इस फैसले का विरोध करता है। धार्मिक मामलों से सरकार को दूर रहना चाहिए, ये व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मुद्दा है। सरकार चाहती तो सभी धर्मग्रंथों के अच्छे ज्ञान को पाठ्यक्रम में शामिल कर सकती थी पर ऐसा न कर गलत परंपरा की शुरुआत की गई है।

राशिद खान, अध्यक्ष, मप्र मदरसा बोर्ड ने कहा कि सरकार की नीति है तो लागू करेंगे ही। देखते हैं बच्चों और उनके पालकों का क्या फीडबैक आता है। उससे सरकार को अवगत कराएंगे।