17 February 2019



प्रादेशिक
42 साल की महिला ने दिया 15वें बच्चे को जन्म
09-08-2013
42 वर्षीय महिला ने एमवायएच में 15वें बच्चे को जन्म दिया, हालांकि बच्चा मृत पैदा हुआ। महिला की शादी को 22 साल हो चुके हैं। एक साह पहले ही उसकी 8 साल की बेटी की मौत हो चुकी है। घटना ने परिवार नियोजन की योजनाओं को लेकर शासन द्वारा किए जा रहे तमाम दावों की पोल खोल दी है।

खरगोन जिले के ग्राम अबंाखे़़डा की रहने वाली बदीबाई पति मुर्खिया भील को बुधवार देर रात उसका पति एमवायएच लेकर पहुंचा। महिला ने मृत बच्चे को जन्म दिया।

विभागाध्यक्ष डॉ.लक्ष्मी मारू ने बताया कि महिला का यह 15वां प्रसव है। इसके पहले के सभी प्रसव खरगोन जिले के विभिन्न अस्पतालों में हुए। उन्होंने बताया कि 22 साल की शादी में 15 बच्चों को जन्म देने की वजह से महिला बहुत कमजोर हो गई है। उसके शरीर में खून की बहुत कमी है। डॉक्टरों की टीम उस पर नजर रखे हुए है।

तीन बच्चों की हो चुकी है शादी

मुर्खिया ने बताया कि वह खेती-मजदूरी करता है। फिलहाल उसके 9 बच्चे जिंदा हैं। इनमें 3 लड़कियां और 6 लड़के हैं। बाकी की विभिन्न वजहों से मौत हो चुकी है। बुधवार को बदीबाई की तबीयत बिगड़ी तो वह उसे भगवानपुरा के अस्पताल ले गया। वहां के डॉक्टरों ने उसे एमवायएच जाने की सलाह दी। इस पर वह उसे लेकर इंदौर आ गया।

मुर्खिया ने बताया कि 9 बच्चों में से उसने दो बेटियों [सावजी और शीला] और एक बेटे [कैलाश] की शादी भी कर दी है। मुर्खिया ने बताया कि एक साह पहले ही उसकी बेटी गायत्री [8] की बीमारी की वजह से मौत हो चुकी है।

नहीं है साधनों की जानकारी

परिवार नियोजन के साधनों के बारे में पूछने पर मुर्खिया ने बताया कि उसे इनकी कोई जानकारी नहीं है। उसे कभी किसी ने इनके बारे में नहीं बताया। इलाज के लिए वह कई बार भगवानपुरा अस्पताल भी गया, लेकिन वहां कोई जानकारी नहीं दी गई। घटना ने एक बार फिर शासन की परिवार नियोजन योजनाओं की पोल खोल दी है।