17 February 2019



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मैडम, कब तक रैगिंग के नाम पर जाएंगी जान'
09-08-2013
\'मैडम जी कब तक किसी की बहन तो किसी की बेटी यूं ही रैगिंग के नाम पर खत्म होती रहेंगी।\' मृतक छात्रा की बड़ी बहन प्रियंका शर्मा ने बिलखते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष उपमा राय से यह सवाल पूछा। इससे पहले कि श्रीमती राय उसे ढा़़ढस बंधातीं, वह बेहोश होकर गिर पड़ी। श्रीमती राय ने मृतक छात्रा की मां और परिजन को भरोसा दिलाया कि उनकी बेटी की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने परिजन से पूछा कि कॉलेज में एडमिशन के वक्त क्या कोई एंटी रैगिंग फार्म भरवाया गया था। इस पर परिजन ने बताया कि ऐसा फार्म एडमिशन के समय नहीं दिया गया था। श्रीमती राय ने बताया कि इस प्रकरण में जो भी दोषी हैं, उन्हें सजा जरूर मिलेगी।

दर्ज हो मुकदमा

श्रीमती राय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सुसाइड नोट ही बता रहा है कि अनीता ने रैगिंग के चलते खुदखुशी की है। इससे कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा इस संबंध में अगर लापरवाही न बरती जाती तो आज अनीता के परिजन को यह दिन नहीं देखना पड़ता।

उन्होंने कहा कि यूजीसी के रेगुलेशन का कॉलेज प्रबंधन ने पालन नहीं किया। इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन पर भी मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि अब जागने का समय है, जो भी कॉलेज यूजीसी के निमयों का पालन नहीं कर रहे हैं उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कॉलेजों में रैगिंग रोकने और निगरानी करने के लिए समिति बनाने की भी बात कही है।

उच्च शिक्षा विभाग सतर्क

रैगिंग के कारण आरकेडीएफ कॉलेज की छात्रा की खुदकुशी का मामला सामने आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग कॉलेजों को छात्रों से रैगिंग के संबंध में शपथपत्र लेने को लेकर रिमाइंडर भेजेगा। जिससे भविष्य में कोई भी अप्रिय घटना न हो।

उच्च शिक्षा आयुक्त बीएस रंजन ने बताया कि गत माह विभाग ने कॉलेजों के छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों से बैठक के दौरान चर्चा की थी। उस दौरान विद्यार्थियों से रैंगिंग के संबंध में शपथपत्र लिए जाने को कहा गया था। अब फिर से इस संबंध में गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा जा रहा है।

क्या कर रहा है शिक्षा महकमा

छात्रा अनीता द्वारा की गई खुदखुशी मामले को राज्य मानव अधिकार आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एके सक्सेना ने शिक्षा विभागों से संबंधित सभी प्रमुख सचिवों से प्रदेश में रैगिंग को रोकने की जा रही कार्रवाई के बारे में सात दिन में जवाब मांगा है। आयोग ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा विभागों के प्रमुख सचिव के अलावा भोपाल कलेक्टर और एसपी से भी जांच प्रतिवेदन बुलवाया है। आयोग ने खुदकुशी के मामले में समाचार पत्रों में छपी खबरों पर संज्ञान लिया है।

सुसाइड नोट की जांच

सूत्रों के मुताबिक चार छात्राओं और एक प्रोफेसर के अलावा कुछ अन्य लोगों के नाम भी सुसाइड नोट में हैं। अगर पूछताछ में वे दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

एएसपी दिलीप सिंह तोमर ने बताया कि आरोपियों के जेल जाने के बाद कमलानगर पुलिस खुदकुशी मामले में ज्यादा से ज्यादा सबूत जुटाने की कोशिश करेगी। हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से अनीता के सुसाइड नोट की जांच कराई जाएगी। सुसाइड नोट में कुछ और नाम हैं। उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अगर वे दोषी पाए गए, तो उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।

कुछ गलत करवाना चाहते थे उसके साथी

अनीता की बहन प्रियंका ने बताया कि उसने रैगिंग के संबंध में तो बात नहीं की, लेकिन वह कुछ दिन से यह बात जरूर कह रही थी कि उसके कॉलेज के स्टूडेंट उससे कुछ गलत करवाना चाहते हैं।

प्रियंका ने बताया कि वह कुछ कहना चाहती थी, लेकिन उसे शायद इस बात का डर था कि उसके कुछ कहने से परिवार को चिंता न हो।

बेटी को वापस ला दो

उधर, अनीता की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। वे बार-बार बेसुध हो रही थीं। वे सिर्फ एक ही रट लगाए थी कि कोई उनकी बेटी को वापस ला दो। वे उसके बिना नहीं जी पाएंगी। बाकी उन्हें किसी बात से कोई लेना-देना नहीं है।

तभी मिलेगा बेटी को न्याय

अनीता के पिता कमलेश शर्मा ने बताया आरोपी जो भी हो, उसे क़़डी से क़़डी दी जानी चाहिए तभी उनकी बेटी को सच्चा न्याय और उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकेगी। अगर कॉलेज प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लिया होता तो उनकी बेटी यह कदम उठाने को मजबूरी नहीं होती।

कॉलेज का माहौल गंदा कर रखा है

अनीता की सहेली रानी [परिवर्तित नाम] ने काफी कुरेदने पर कहा कि कॉलेज की कुछ छात्राओं ने पूरे माहौल को गंदा कर रखा है। वे अपने बॉय फ्रेंड के कहने पर दूसरी छात्राओं पर कमेंट्स करती हैं और उनसे उनके साथ रहने को कहती हैं। पहले भी कुछ छात्राओं ने प्रबंधन को इस मामले में शिकायत की, पर इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए उन्होंने चुप्पी साध ली।