19 February 2019



राष्ट्रीय
खेमका ने की भू घोटालों की कैग से जांच कराने की मांग
14-08-2013

चंडीगढ़। आइएएस अधिकारी अशोक खेमका ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा व डीएलएफ जमीन सौदे की बाबत हरियाणा सरकार को भेजे अपने जवाब में कहा है कि सरकार के नियंत्रण में कोई भी कमेटी या एजेंसी निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। लिहाजा भू-घोटालों की जांच कैग (महालेखा नियंत्रक) से जांच कराई जानी चाहिए। डॉ. अशोक खेमका ने अपने जवाब में जांच के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु पेश किए हैं। उन्होंने कहा है कि कॉलोनियों का लाइसेंस ट्रांसफर करने की अनुमति दिलाने के लिए उद्यमियों, कॉलोनाइजर व टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के बीच काम कर रहे बिचौलियों की जेब में भारी रकम गई है। खेमका के अनुसार पंजाब शेड्यूल्ड सड़क एवं नियंत्रित विकास अधिनियम, 1963 के तहत असंवैधानिक तरीके से भूमि उपयोग बदलवाने में बिचौलियों ने मोटी रकम खाई है। इसलिए इस पूरे मामले की जांच बेहद जरूरी है। खेमका के जवाब में बताया गया है कि भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत जमीन को अधिग्रहण प्रक्रिया से बाहर कराने और प्राथमिक अधिसूचना में अधिग्रहीत करने से छोड़ी गई जमीन को कॉलोनाइजर को बेचने व उन्हें कॉलोनी लाइसेंस प्रदान करने के मामले भी जांचे जाएं तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। खेमका के अनुसार जमीन की चकबंदी व विभाजन प्रक्रिया में आम आदमियों व पंचायतों को हुए भूमि के नुकसान की भी जांच हो। इसमें भी बड़े घोटाले की आशंका है।