19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
शरीफ की कोशिशें नाकाम करने में जुटी है पाक सेना
19-08-2013

वाशिंगटन। भारत के साथ संबंध सुधारने की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कोशिशों को नाकाम करने में उनकी सेना ही लगी है। भारत और पाकिस्तान के बीच शांति वार्ता में खलल डालना मौजूदा संघर्षविराम उल्लंघन का मुख्य उद्देश्य है। दरअसल, पाकिस्तानी सेना शरीफ को दिखाना चाहती है कि बॉस कौन है। यह बात अमेरिकी विशेषज्ञ लीजा कर्टिस ने कही है। अमेरिकी थिंक टैंक द हैरिटेज फाउंडेशन की लीजा कर्टिस ने कहा, ऐसा संभव है कि पाकिस्तानी सेना जान बूझकर भारत के साथ तनाव बढ़ा रही हो ताकि नवाज सरकार को दिखा सके कि वह भारत-पाकिस्तान संबंधों को नियंत्रित कर सकती है। शायद पाकिस्तानी सेना शरीफ को पिछली सदी के अंतिम दशक में भारत के साथ की गई शांति वार्ता को आगे बढ़ाने को लेकर चेतावनी दे रही हो। शरीफ के पिछले कार्यकाल के दौरान 1999 में कश्मीर की स्थिति को लेकर भारत के साथ पर्दे के पीछे की बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई थी। इसके बाद कारगिल में पाकिस्तानी सेना ने द्रास-कारगिल की पहाड़ियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी जिससे दोनों देशों के बीच संक्षिप्त लड़ाई हुई थी। इसमें भारत को जीत हासिल हुई थी। वहीं पिछले दो हफ्तों के दौरान पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर डेढ़ दर्जन से ज्यादा बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। कर्टिस का विचार है कि हाल ही में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बने तनाव को अमेरिका को गंभीरता से लेना चाहिए। उसे सीमा पर सैन्य तनाव कम करने के लिए काम करना चाहिए। इस तनाव से भारत और पाकिस्तान के बीच बड़ा संघर्ष छिड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की अपील का विरोध करना चाहिए।