19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
रुपये की कमजोरी का फायदा उठाने में जुटे खाड़ी के भारतीय कामगार
19-08-2013

दुबई। रुपये की कमजोरी ने भले ही सरकार की नींद हराम कर रखी हो मगर विदेश में रहने वाले भारतीयों की मौज आ गई है। विदेशी मुद्रा में कमाई करने वाले कामगारों को अब रुपये में ज्यादा राशि मिल रही है। इस मौके का फायदा उठाने के लिए ओमान समेत दूसरे खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय अब भारत में रह रहे अपने घरवालों को पर्सनल लोन लेकर धन भेज रहे हैं। रुपये ने डॉलर के मुकाबले सोमवार को 63.14 का रिकॉर्ड निचला स्तर छू लिया। टाइम्स ऑफ ओमान की रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी देशों में पर्सनल लोन लेने वाले भारतीयों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। ओमान की मुद्रा रियाल का मूल्य फिलहाल 160 रुपये के करीब है। विदेशी मुद्रा में लिया गया लोन भारत में ढेर सारे रुपये में तब्दील हो रहा है। वहीं, इसकी किस्तें वे आसानी से चुका दे रहे हैं। स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर द्वारा संचालित ग्लोबल मनी एक्सचेंज के जीएम राजीव वीजी ने बताया कि लगातार गिरते रुपये से सबसे ज्यादा फायदा खाड़ी देशों के लोगों को हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में सैकड़ों लोगों ने पर्सनल लोन लेकर पैसा भारत भेजा है। इससे उनके परिवारों को काफी फायदा पहुंचा है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में मुद्रा बदलाव कराने वालों की तादाद बहुत बढ़ गई है। इससे साफ पता चलता है कि एनआरआइ रुपये में गिरावट का फायदा उठाने को ज्यादा कर्ज ले रहे हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को मुद्रा बदलाव करवाने वालों की तादाद दूसरे दिनों के मुकाबले लगभग 15 फीसद ज्यादा रही। जैसे ही रियाल के बदले रुपये की कीमत 155 के स्तर को पार कर गई ओमान में रह रहे भारतीयों ने अपनी बचत भारत भेजना शुरू कर दिया। इसे देखते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ ओमान (सीबीओ) ने देश से बाहर भेजे जा रहे रियाल पर नजर रखना शुरू कर दिया है। नए नियम के मुताबिक, यदि कोई 2,000 रियाल से ज्यादा धन विदेश भेजता है तो उसे सुबूत देना होगा कि यह रकम उसने अपने बैंक खाते से निकाली है। पहले यह नियम 5,000 रियाल से ऊपर ही लागू होता था। ओमान सरकार ने हाल ही में एक और नियम में बदलाव किया है। इसके मुताबिक, सभी कर्मचारियों को बैंक खाते के जरिये वेतन देना अनिवार्य किया गया है। इससे उनकी कमाई के जरिये के बारे में आसानी से पता चल सकेगा। ओमान के मनी एक्सचेंज ने भी अब हर महीने सीबीओ को बाहर भेजे गए रियाल पर रिपोर्ट देनी शुरू कर दी है। इस रिपोर्ट में उन देशों का भी उल्लेख किया जाता है, जहां ज्यादा पैसा भेजा गया।