16 February 2019



राष्ट्रीय
केंद्र सरकार गलती सुधारने को तैयार, भगत सिंह को मिलेगा शहीद का दर्जा
19-08-2013

नई दिल्ली। केंद्र सरकार \'शहीद-ए-आजम\' भगत सिंह को शहीद का दर्जा नहीं देने की गलती सुधारने को तैयार है। केंद्रीय संसदीय राज्यमंत्री राजीव शुक्ल ने सोमवार को संसद में भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस भूल को ठीक कर लिया जाएगा। शून्यकाल के दौरान राज्यसभा में जद(यू) सदस्य केसी त्यागी ने यह मामला उठाया। उन्होंने इसे महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं आजादी के इतिहास का भी अपमान बताते हुए तत्काल सरकारी रिकॉर्ड दुरुस्त करने की मांग की। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू और बसपा के सतीष चंद्र मिश्र ने भी इस मामले को बेहद अहम बताते हुए सरकार से जवाब मांगा।

राजीव शुक्ल ने सदन को भरोसा दिया कि अगर सरकारी रिकॉर्ड में भगत सिंह को शहीद नहीं बताया गया है, तो उसे ठीक किया जाएगा। सरकार उन्हें शहीद मानती है और हमेशा से उन्हें यह दर्जा देती रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पांच साल पहले केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री के तौर पर अंबिका सोनी ने पंजाब के नवांशहर में भगत सिंह के गांव जाकर उनकी याद में डाक टिकट जारी किया था। यहां तक कि सरकार इस जिले का नाम भी उन्हीं के नाम पर शहीद भगत सिंह नगर कर चुकी है। शुक्ल ने कहा कि ऐसे में भगत सिंह को शहीद नहीं मानने का सवाल ही नहीं उठता।

यह मामला तब सामने आया था, जब गृह मंत्रालय ने आरटीआइ के तहत पूछे सवाल के जवाब में माना था कि भगत सिंह को शहीद का दर्जा नहीं है। इसके बाद शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि भगत सिंह देश पर कुर्बान होने वाले शहीद हैं यह सच्चाई किसी सरकारी रिकॉर्ड की मोहताज नहीं है। राज्यसभा में केसी त्यागी ने भगत सिंह के साथ ही एक समय कांग्रेस विरोध के प्रतीक बन गए राज नारायण को स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा देने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि राज नारायण के बेटे ने इस मामले में सरकार को कई पत्र लिखे हैं।