22 February 2019



राष्ट्रीय
चौरासी कोसी यात्रा प्रतिबंधित
19-08-2013
कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका में उत्तर प्रदेश शासन ने विश्व हिंदू परिषद की 25 अगस्त से 13 सितंबर तक प्रस्तावित 84 कोसी पद यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया है। नई परंपरा न शुरू होने देने और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए शासन ने यात्रा क्षेत्र के सभी छह जिलों फैजाबाद, बाराबंकी, अम्बेडकरनगर, बहराइच, बस्ती और गोंडा में धारा 144 लागू कर दी है। राम मंदिर बनाने के पक्ष में माहौल गरमाने में जुटी विहिप व अन्य संगठनों को शासन ने दो टूक चेतावनी भी दी है कि अगर किसी ने प्रतिबंध तोड़ने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई होगी। सोमवार को प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव और पुलिस महानिदेशक देवराज नागर ने शासन के इस रुख का ऐलान किया। इन्होंने बताया कि विहिप ने 25 अगस्त से 13 सितंबर तक अयोध्या के चारों तरफ 84 कोसी पदयात्रा के बारे में कार्यक्रम दिया था। विहिप अध्यक्ष अशोक सिंहल ने 10 अगस्त को जो पत्र भेजा उसमें यह उल्लेख था कि इस यात्रा के जरिए राम जन्म भूमि मंदिर निर्माण की मांग की जायेगी। प्रमुख सचिव ने साफ कहा कि परंपरागत रूप से 84 कोसी यात्रा चैत्र मास से शुरू होकर बैसाख की पूर्णिमा तक चलती है। इस हिसाब से परंपरागत यात्रा 25 अप्रैल से 20 मई तक पूर्ण हो चुकी है। भाद्र पक्ष में इस प्रकार की यात्रा शुरू करना नई परंपरा का सूत्रपात है। कोई नई परंपरा न पड़े, इसलिए शासन ने प्रस्तावित यात्रा की अनुमति न दिए जाने का निर्णय लिया है। प्रतिबंध के पक्ष में श्रीवास्तव का यह भी तर्क था कि अयोध्या के विवादित परिसर में उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के फैसले पर कई पक्ष सुप्रीम कोर्ट गए हैं। 9 मई 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय दिया। इसलिए भी विहिप की मांग पूरी करना संभव नहीं है, क्योंकि यात्रा का एक मकसद विवादित स्थल पर मंदिर बनाने के लिए माहौल बनाना है। प्रतिबंध के फैसले के समर्थन में पुलिस महानिदेशक ने चौरासी कोसी यात्रा में पड़ने वाले छह जिलों के जिलाधिकारियों की रिपोर्ट को आधार बताया। बकौल नागर, इन सभी जिलों के डीएम ने स्थिति खराब होने का अंदेशा जताया, लिहाजा कुछ जिलों में रविवार की शाम और कुछ जिलों में सोमवार की सुबह यह तय हो गया कि यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि विहिप के एक प्रतिनिधि मंडल ने 17 अगस्त को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर चौरासी कोसी यात्रा की सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन सोमवार को शासन के इस फैसले से अब इस मसले पर सियासत गरमाने की आशंका बढ़ गई है।