19 February 2019



राष्ट्रीय
पंजाब बना पाक जासूसों व आतंकियों की शरणस्थली
21-08-2013
जालंधर के साथ-साथ पंजाब के तीन बड़े शहर लुधियाना, मोहाली व चंडीगढ़ पाकिस्तान से आने वाले जासूसों व आतंकियों की सबसे सुरक्षित शरणस्थली है। इसे अब टुंडा की गिरफ्तारी के बाद हुए खुलासों ने भी साबित कर दिया है।

पंजाब के पाकिस्तान के राजस्थान और जम्मू कश्मीर की सीमा के साथ सटे होने के कारण पाकिस्तानी जासूस व आतंकी यहीं पर शरण लेते हैं। अमृतसर का सबसे करीबी शहर जालंधर होने के कारण यहां पाक जासूसों के मामले सबसे ज्यादा सामने आए है। टुंडा से पहले जैश ए मोहम्मद के कुख्यात आतंकी गाजी बाबा के संबंध भी जालंधर से पाए गए थे। 1997 में जालंधर रेलवे स्टेशन व लुधियाना बम धमाके के मामलों में खुफिया एजेंसियों ने टुंडा का नाम जोड़ा था।

21 जुलाई 2010 को पाक जासूस कासिफ अली को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह 2005 में नेपाल के रास्ते भारत आया और बाया बीकानेर चंडीगढ़ में पहुंचा था। 1मई 2010 को लुधियाना में पाकिस्तानी जासूस निजाम बख्श पकड़ा गया। उसने अपना नाम संदीप रख लिया था और जालंधर से ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा लिया था। 1जून 2010 को मोहाली पुलिस ने पाक जासूस इरफान उल्ला को गिरफ्तार किया था। उसके संबंध पाकिस्तान के खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के साथ थे जिसने 2004 में जालंधर में दो बम धमाके करवाये थे।

1मार्च 2004 को जालंधर पुलिस ने मोहम्मद आलम और मोहम्मद ओकारा को सेना क्षेत्र जालंधर कैंट से गिरफ्तार किया था।

ट्रैक उड़ाने की कोशिश में खुफिया एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के कुख्यात आतंकी गाजी बाबा का हाथ बताया था। इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गाजी बाबा की जेब से जो रेलवे टिकट मिला था वह भी जालंधर से ही बुक हुआ था। 28 अप्रैल 2004 को जालंधर के बस स्टैंड पर हुए बम धमाके में भी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकी रंजीत सिंह नीटा को मुख्यारोपी बनाया गया था जो कि पाकिस्तान में ही छिपा है। यही नही हाल ही में पंजाब में आतंकी गतिविधियों को फंडिंग करने के आरोप में पकड़े गए जसवंत सिंह आजाद के संबंध भी पाकिस्तान से थे।