22 February 2019



राष्ट्रीय
खाद्य सुरक्षा बिल के खिलाफ मतदान करेगी अन्नाद्रमुक
26-08-2013
अन्नाद्रमुक की ओर से सुझाए गए संशोधनों को शामिल नहीं किए जाने से नाराज तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा है कि उनकी पार्टी लोकसभा में खाद्य सुरक्षा बिल के खिलाफ मतदान करेगी। जया ने पार्टी द्वारा सुझाए गए संशोधनों को कांग्रेस नीत संप्रग सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा विधेयक में शामिल नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। जयललिता ने संपूर्ण शहरी आबादी को विधेयक के दायरे में लाने की मांग की है। जयललिता ने एक बयान में कहा, \'ऐसी परिस्थितियों में, मौजूदा खाद्य सुरक्षा विधेयक अस्वीकार्य है। अन्नाद्रमुक इस विधेयक के विरोध में मतदान करेगी। विधेयक में जो संशोधन हुए हैं उनमें ज्यादातर तमिलनाडु के हित में नहीं हैं और उनकी बहुत सी मांगों को केंद्र सरकार ने नहीं माना है।\' जया के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत केंद्र सरकार राज्यों के वर्तमान आवंटन में कटौती नहीं करने पर तैयार हो गई है, लेकिन संपूर्ण शहरी आबादी को सस्ती दर पर खाद्यान्न मुहैया कराए जाने के उनके सुझाव को नहीं माना गया है। उनका कहना है कि अगर ग्रामीण आबादी की तरह पूरी आबादी को खाद्यान्न उपलब्ध कराना संभव नहीं हो रहा तो कम से कम 75 फीसद आबादी को इसके दायरे में जरूर लाया जाए। जयललिता ने केंद्र सरकार को कीमतें तय करने का अधिकार दिए जाने पर असहमति जताते हुए कहा कि इससे तमिलनाडु जैसे राज्य पर भारी बोझ पड़ेगा। चावल का उदाहरण देते हुए जयललिता ने कहा, \'इसकी कीमत उसके आर्थिक मूल्य के आधार पर तय करने से तमिलनाडु सरकार पर 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।\' शनिवार को भेजे पत्र में जया अपनी इस चिंता से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी अवगत करा चुकी हैं। इस पत्र की प्रति रविवार को मीडिया को जारी की गई।