18 February 2019



प्रादेशिक
आयोग के तीन सूत्र फ्री, फेयर और फियरलैस चुनाव
28-08-2013
चुनाव आयोग ने सीनियर फील्ड अफसरों को कहा कि विधानसभा चुनाव \'फ्री, फेयर और फियरलैस\' होना चाहिए। उनकी सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश और राजस्थान सीमा से लगे बुंदेलखंड और चंबल के इलाकों को लेकर रही तो मालवा में साम्प्रदायिक तनाव के लिए आयोग ने अफसरों को चेताया।

सूत्रों ने बताया कि आयोग ने सभी अफसरों को अपना टारगेट \'थ्री एफ\' के माध्यम से बताया। पुलिस अफसरों ने अपनी समस्याओं को रखते हुए ज्यादा बल दिए जाने की मांग की। आयोग ने मतदान के दौरान बूथ केपचरिंग, चुनाव के दौरान हथियारों की सप्लाई, गुंडागर्दी और शराब सप्लाई जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की।

यूपी, राजस्थान सीमा की चिंता

सूत्र बताते हैं कि आयोग ने चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड और मालवा से लगे यूपी, राजस्थान सीमा वाले जिलों को लेकर गंभीर चिंता जताई। इन इलाकों में भी भिंड, मुरैना, दतिया, रीवा, सतना, पन्ना, टीकमग़़ढ जैसे जिलों के अफसरों को आयोग ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई में कोई लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। चुनाव के मद्देनजर यूपी और राजस्थान की सीमा पर चौकसी ब़़ढाए जाने और सीमा सीलबंद करने पर आयोग ने विशेष जोर दिया। इसी तरह साम्प्रदायिक रूप से संवेदनशील मालवा इलाके के लिए भी आयोग ने पुलिस अफसरों को हर सूचना को गंभीरता से लेने को कहा। साथ ही किसी भी घटना पर एक्शन में देरी नहीं हो क्योंकि कोई भी छोटी से छोटी घटना साम्प्रदायिक तनाव फैला सकती है।

एसपी तो नहीं बोलेंगे

सूत्र बताते हैं कि जिलों की चुनाव तैयारी और जरूरतों को लेकर जैसे ही डीआईजी कान वाले एक जिले की बारी आई तो कान साहब से आयोग के अफसरों ने सवाल किया कि आपके बोलने के बाद एसपी तो नहीं बोलेंगे। इस पर कान साहब ने कहा कि मेरे अधीन तीन एसपी हैं। मैं ही जिले की स्थिति बताऊंगा। आयोग की इस चुटकी से कुछ क्षण के लिए हॉल में हंसी गूंजी मगर फिर सन्नाटा छा गया।

संक्षेप में बोलने की हिदायत

आयोग के सामने भी जब कई पुलिस अफसरों ने विस्तार में अपनी बात रखने की कोशिश की तो उनको हिदायत दी गई कि आप संक्षेप में अपनी बात रखें। बुंदेलखंड और बघेलखंड के दो एसपी को आयोग के अफसरों ने विशेष तौर पर टोका।