19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
भारत से ब्रिटेन जाने वालों की संख्या में भारी गिरावट
30-08-2013

लंदन। ब्रिटेन की कड़ी वीजा नीतियों के चलते यहां पढ़ने और काम करने आने वाले भारतीयों की संख्या में पिछले कुछ वर्षो से भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। गुरुवार को जारी ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय [ओएनएस] के आंकड़ों के अनुसार, यूरोपीय संघ [ईयू] से बाहर के भारतीय उपमहाद्वीप के देशों भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के प्रवासी नागरिकों की तादाद घटी है। अफ्रीकी देशों सहित तथाकथित नए कॉमनवेल्थ देशों से ब्रिटेन आने वाले नागरिकों की संख्या वर्ष 2011 में 1.51 लाख से घटकर वर्ष 2012 में 97 हजार हो गई। ऐसा माना जा रहा है कि यह गिरावट इन देशों से ब्रिटेन पढ़ने आने वाले छात्रों की संख्या में कमी का परिणाम है। यह कमी ब्रिटेन में वीजा नीतियों को सख्त बनाने के अभियान के कारण आई है। इसके अलावा अमेरिका और आस्ट्रेलिया की तुलना में यहां आने वाले छात्रों को ज्यादा धनराशि खर्च करनी पड़ती है। हालांकि ब्रिटेन के आव्रजन मंत्री मार्क हार्पर ने इस बदलाव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ईयू से बाहर के देशों से आने वाले प्रवासी लोगों की संख्या 14 वर्षो में भले ही निम्न स्तर पर पहुंच गई है लेकिन उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय विश्वविद्यालयों की ओर से प्रायोजित छात्र वीजा पर ब्रिटेन आने वालों कीे कुल तादात में वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा कुशल श्रमिकों को भी अधिक संख्या में वीजा जारी हुए हैं।