19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
भारत-पाक रिश्ते को लेकर पर्दे के पीछे 'खेल' शुरू
30-08-2013

इस्लामाबाद। सीमा पर तनाव के कारण ठप पड़ी वार्ता को गति देने के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे से कूटनीतिक कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव शहरयार खान और भारत के पूर्व राजनयिक एसके लांबा की गुरुवार को दुबई में मुलाकात खबर आई है। इसे दोनों देशों की संभावित वार्ता का पहला कदम माना जा रहा है। द नेशन डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, एलओसी [लाइन ऑफ कंट्रोल] पर पिछले कुछ दिनों से जारी गोलीबारी से इस्लामाबाद और नई दिल्ली में तनाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि खान और लांबा के बीच दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए उठाए जाने वाले उपायों के अलावा सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान नवाज शरीफ और मनमोहन सिंह की मुलाकात पर चर्चा हुई है। खास बात यह है कि इस बैठक को मीडिया की नजरों से बचाने की पूरी कोशिश की गई। खान को लंदन यात्रा से इस्लामाबाद बुलाकर लांबा से मिलने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने दुबई जाने से पहले प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी मुलाकात की थी। भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान बशीर ने भी उन्हें स्थिति के संबंध में रिपोर्ट दी थी। शरीफ सरकार के सत्ता में आने के बाद लांबा और खान के बीच यह दूसरी मुलाकात थी। जुलाई में शरीफ ने खान को भारत से द्विपक्षीय वार्ता के लिए विशेष दूत बनाया था।  मीडिया रिपोर्ट पर पूछे गए सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एजाज चौधरी ने बताया कि हम राजनयिक रास्ता तलाश रहे हैं। लांबा और खान लगातार संपर्क में हैं। चौधरी ने कहा कि यदि दोनों देशों के प्रधानमंत्री मुलाकात करते हैं तो यह भारत-पाक के लिए राहत भरा होगा। सभी मुद्दों पर चर्चा हो सकेगी और दोनों देशों के संबंध बेहतर होंगे। पाकिस्तानी कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति ने 24 अगस्त की बैठक में सीमा पर गोलीबारी का मुद्दा उठा था। समिति ने सीमा पर धैर्य बनाए रखने और वार्ता शुरू करने के लिए प्रतिबद्धता जताई थी।