19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
खगोलशास्त्रियों ने खोजा सूरज का जुड़वां तारा
30-08-2013

वाशिंगटन। खगोलशास्त्रियों ने सूरज से मिलते जुलते एक जुड़वां तारे की खोज की है। इसकी उम्र 8.2 अरब वर्ष है। इस जुड़वां तारे के अध्ययन से शोधकर्ताओं को सूरज के भविष्य के बारे में जानने में मदद मिलेगी। ब्राजील में शोधकर्ताओं की एक टीम ने ईएसओ के एक बड़े टेलीस्कोप की मदद से इस तारे की खोज की। पृथ्वी से लगभग 250 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एचआइपी 102152 नामका यह तारा अब तकात तारों में सूरज से सबसे ज्यादा मिलता जुलता है। समझा जाता है कि सूरज की उम्र करीब चार अरब वर्ष है। इस जुड़वां तारे के अध्ययन से शोधकर्ताओं को यह जानने में मदद मिलेगी कि धीरे धीरे उम्र बढ़ते जाने के दौरान हमारा सूरज कैसा दिखाई देगा।

शोधकर्ताओं की टीम का नेतृत्व करने वाली जार्ज मेलेनडेज ने कहा, दशकों से खगोलशास्त्री सूरज के हमशक्ल तारे की खोज कर रहे थे, ताकि सूरज के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल कर सके। ऐसे तारे की खोज सबसे पहले वर्ष 1997 में हुई थी, उसके बाद से यह खोज बरकरार थी। इस समय शोधकर्ताओं की टीम सूरज से मिलते जुलते दो तारों का अध्ययन कर रही है। 18 स्कोर्पी नाम का तारा जहां सूरज से उम्र में बहुत छोटा है, वहीं एचआइपबी 102152 नाम का तारा सूरज से उम्र में काफी बड़ा है। 18 स्कोर्पी की उम्र करीब तीन अरब साल है। एचआइपी 102152 तारे के विश्लेषण से शोधकर्ताओं को सूरज जैसे तारों की उम्र और उनके अंदर मौजूद लीथियम के बीच संबंध का रहस्य समझने में मदद मिलेगी। शोध के प्रमुख लेखक तालावांडा मोनरो ने कहा, एचआइपी 102152 में लीथियम का स्तर कम है। इससे पता चलता है कि उम्र बढ़ने के साथ तारों में मौजूद लीथियम नष्ट होने लगता है।