21 February 2019



प्रादेशिक
मप्र में बॉक्सर तैयार करें मैरीकॉम : मुख्यमंत्री
30-08-2013
मध्यप्रदेश में बॉक्सिंग में काफी संभावनाएं हैं, इसलिए मैरीकॉम चाहें तो मप्र में बतौर सलाहकर के रूप में जुड़ सकती हैं। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के शिखर खेल अलंकरण समारोह के दौरान कही। साथ ही उन्होंने 2016 के रियो ओलिंपिक खेलों में मैरीकॉम के स्वर्ण जीतने पर उन्हें दो करो़़ड रपए की राशि देकर सम्मानित करने की बात कही।

तात्या टोपे स्टेडियम में बुधवार को प्रदेश का सर्वोच्च खेल अवॉर्ड समारोह भव्य रूप से मनाया गया। प्रदेश की 27 खेल हस्तियों को सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें नियुक्ति पत्र भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खेल के लिए सदैव तत्पर हैं। इस दिशा में जो भी हो सकेगा मप्र सरकार करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मैरीकॉम की प्रशंसा करते हुए उन्हें मप्र में बॉक्सर तैयार करने का न्यौता दिया।

समारोह में इंदौर के 3 खिला़ि़डयों को विक्रम और 5 खिला़ि़डयों को एकलव्य अवॉर्ड दिया गया। साथ ही रामचंद्र पांडे और मुराद खान को विश्वामित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लाइफ टाइम अचीवमेंट ग्वालियर के रामलाल वर्मा को और प्रभाष जोशी अवॉर्ड उज्जैन के अजय वक्तारिया को दिया गया।

-मैरीकॉम को 50 लाख का पुरस्कार :

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच बार की विश्व चैंपियन बॉक्सर एमसी मैरीकॉम को 50 लाख रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया। मैरीकॉम को लंदन ओलिंपिक में कांस्य जीतने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें पुरस्कार की घोषणा की थी। इसके बाद ओलिंपियनों के सम्मान समारोह में मैरीकॉम नहीं आ सकीं थी। मैरीकॉम ने भी सम्मान ग्रहण करते हुए खुशी जाहिर की।

मैरीकॉम के अलावा अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुनी गई मप्र की राजकुमारी डोडिया को भी एक लाख रपए की नकद राशि से सम्मानित किया गया। -ये रहे उपस्थित :

समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ही विधायक धु्रवनारायण सिंह, जितेंद्र डागा, खेल सचिव डॉ. एम मोहन राव, खेल संचालक डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव उपस्थित रहे। खेल मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह को भी कार्यक्रम में उपस्थित होना था लेकिन वे किसी कारणवश नहीं आ सके।

-ये हुए सम्मानित :

विक्रम : दिलीप सिंह नेगी, भोपाल [कयाकिंग--केनोइंग], अंकित सोनकर, जबलपुर [कराते], आरती खकाल, इंदौर [ताइक्वांडो], शानु महाजन, भोपाल [फेंसिंग], सुरभि पाठक, इंदौर [शूटिंग], रोहन सिंह ठाकर, जबलपुर [वूशु], जलज सक्सेना, इंदौर [क्रिकेट], अंजली ठाकुर, भोपाल [सॉफ्ट टेनिस], कामिल कय्यूम खान, भोपाल [कयाकिंग--केनोइंग]।

-एकलव्य : गणेश्वरी धुर्वे, डिंडोरी [कयाकिंग--केनोइंग], वर्षा बर्मन, भोपाल [शूटिंग], राघव जयसिंघानी, इंदौर [टेनिस], रोहित इमोलिया, इंदौर [तैराकी],भुरया दुबे, अशोक नगर [वूशु], आशा रोका, भोपाल [बॉक्सिंग], यश सक्सेना, ग्वालियर [कराते],शैला क्लेयर चा‌र्ल्स, बालाघाट [सेलिंग], श्रियांशी परदेशी, इंदौर [बैडमिंटन], यामिनी मौर्य, सागर [जूडो], अक्षत भाटी, इंदौर [घु़़डसवारी], मो. आरिफ अब्बासी, इंदौर [बास्केटबॉल],कीर्ति चंदानी, भोपाल [सॉफ्ट टेनिस]।

-विश्वामित्र : एल विश्वेश्वरी देवी, भोपाल [कयाकिंग-केनांइग], मुराद खान, इंदौर [शूटिंग], रामचंद्र पांडे, इंदौर [कबड्डी]

-लाइफटाइम अचीवमेंट : रामलाल वर्मा, ग्वालियर [वॉलीबॉल]

-प्रभाष जोशी : अजय वक्तारिया, उज्जैन [मलखंब]

मेरी तरह चुनौतियों को स्वीकार बनें चैंपियन : मेरीकॉम

भोपाल। लंदन ओलिम्पिक की कांस्य पदक विजेता एमसी मैरीकॉम ने कहा कि जब मैं महिला होकर सभी मुश्किल चुनौतियों का सामना कर सफलता प्राप्त कर सकती हूं तो आप क्यों नहीं?

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आई मैरीकॉम ने खुद को रोल मॉडल प्रस्तुत करते हुए कहा कि मैं जिस राज्य से आई हूं वहां महिलाओं को अधिक कुछ करने का अवसर नहीं मिलता है। सिर्फ पुरषष ही सारे काम करते हैं। ऐसी विकट परिस्थियों में खुद पर भरोसा कर मैंने खेलों में करियर बनाने का निश्चय किया और सफलता पाई।

शादी के बाद एक बार फिर मुझे संदेह की नजर से देखा गया। मैंने फिर इसे एक चुनौती के रप में माना और लगातार विश्व चैंपियन बनकर खुद को साबित किया। इसी तरह जब मैं मां बनी तो सभी ने मान ही लिया कि मेरा खेल करियर समाप्त हो गया। किंतु मैंने हार नहीं मानी और लंदन में पदक जीतकर देश का गौरव ब़़ढाया है। मैं एक बार फिर मां बनने के बाद रिंग में उतरने की तैयारी में हूं। यदि भगवान ने साथ दिया तो रियो ओ¨लपिक में स्वर्ण पदक जीतने के लिए पूरी जान लड़ा दूंगी। मैं महिला खिलाड़ियों के लिए उदाहरण बन गई हूं। मैं चाहती हूं कि मेरे देश में अन्य महिला खिलाड़ी भी मुझ से प्रेरणा लेकर देश का नाम रोशन करे।

मैरीकॉम ने कहा कि मप्र सरकार खिला़ि़डयों के लिए बहुत उदार है। यहां बेहतर सुविधा मिल रही है।

-मैंने अपना वादा निभाया :

मैरीकॉम ने कहा कि मैंने भोपाल में ट्रेनिंग के दौरान वादा किया था कि महिला बॉक्सिंग को यदि ओ¨लपिक में जगह मिलती है तो मैं देश के लिए पदक जीतूंगी। भोपाल में मैंने सीनियर नेशनल चैंपियनशिप भी खेली है। मुझे खुशी है कि मैं अपना वादा पूरा करने में सफल रही।