19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
मुर्सी को करना होगा मुकदमे का सामना
02-09-2013

काइरो। मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी को हिंसा को भड़काने के आरोप में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। सरकारी टेलीविजन ने सुनवाई की तारीख का जिक्र किए बिना यह जानकारी दी है।

लोक अभियोजक हेशाम बरकत ने बताया कि 62 वर्षीय मुर्सी और मुस्लिम ब्रदरहुड के 14 अन्य सदस्यों पर दिसंबर, 2012 में हिंसक कार्रवाई को अंजाम देने और हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में मुर्सी द्वारा अपनी ताकतें बढ़ाने के लिए लाए जा रहे कानून और संविधान के प्रस्तावित मसौदे में जोड़े गए कुछ प्रावधानों को लेकर यहां पर राष्ट्रपति भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्रदरहुड समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। देश के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति मुर्सी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सेना ने गत तीन जुलाई को उन्हें पद से हटा दिया था। उसके बाद से उन्हें अज्ञात स्थान पर रखा गया है। पिछले महीने काइरो की एक अदालत ने जनवरी, 2011 में होस्नी मुबारक के खिलाफ आंदोलन के दौरान पुलिस स्टेशन और जेल पर हमले में फलस्तीनी आतंकी गुट हमास की मदद करने के मामले में जांच को लेकर मुर्सी की हिरासत को एक महीने के लिए बढ़ा दिया था। हमले के दौरान कई इस्लामी नेताओं के साथ मुर्सी भी जेल से फरार हो गए थे।