23 March 2019



राष्ट्रीय
सुरक्षा तंत्र के लिए तिलिस्म बनी भगवा रणनीति
02-09-2013

रविप्रकाश श्रीवास्तव, फैजाबाद। पाबंदी और कड़े पहरे के बावजूद 84 कोसी परिक्रमा के पथ पर विहिप के पैर थमते नजर नहीं आ रहे हैं। पिछली 24 व 25 अगस्त को दिग्गजों की गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक तंत्र इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो चुका था कि उसने विहिप के मंसूबों पर पानी फेर दिया है, लेकिन परिक्रमा पथ पर लगातार हो रही विहिप समर्थकों व साधु-संतों की गिरफ्तारियों ने जिला एवं पुलिस प्रशासन को बेचैन कर रखा है। केंद्रीय व राज्य खुफिया एजेंसियां भी इस बात का पता नहीं लगा पा रही हैं कि विहिप के समर्थक आखिर कहां से आ रहे हैं?

पढ़ें: विहिप को मोदी के मौन की परवाह नहीं

सुरक्षा तंत्र की तमाम कोशिशों को धता बताते हुए विहिप अपनी सधी हुई रणनीति से परिक्रमा के रूट चार्ट पर आगे बढ़ती जा रही है। वैसे सरकार का जो रूख था उससे परिक्रमा का भविष्य सुरक्षित नहीं माना जा रहा था, पर विहिप ने भी अपनी ओर से कोई कोशिश बाकी नहीं रखी है। विहिप के भूमिगत केंद्रीय पदाधिकारियों की मौजूदगी जिले में ही होने के संकेत तो हैं ही, साथ ही वे यात्रा को अमली जामा पहनाने की कवायद में भी जुटे हैं।

पढ़ें: परिक्रमा के पक्ष में एएमयू से उठे स्वर, रोक गलत

84 कोसी परिक्रमा पर शासन ने गत 19 अगस्त को प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद भी विहिप की यह पदयात्रा पूरे रौ में न सही पर प्रतीकात्मक ढंग से अनवरत जारी है। गत 24 और 25 अगस्त को परिक्रमा की शुरुआत पर ही विहिप के कार्याध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया, डॉ. रामविलास वेदांती और भाजपा के पूर्व मंत्री लल्लू सिंह को गिरफ्तार कर उन्हें एटा जेल पहुंचा दिया था, जहां बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इससे पूर्व विहिप के सैकड़ों समर्थकों व संतों को नजरबंद व गिरफ्तार किया गया। विहिप को रोकने के लिए अयोध्या सहित पूरे जिले को कड़ी सुरक्षा में जकड़ दिया गया था और समर्थकों को 11 अस्थाई जेलों में ठूंस दिया गया था। इस कड़ाई के बाद प्रशासन काफी हद तक मुतमईन हो चुका था कि उसने विहिप का मूवमेंट रोक दिया है, लेकिन विगत तीन दिनों से तारुन, बीकापुर, इनायतनगर व खंडासा क्षेत्र में दिल्ली, मुजफ्फरपुर, बिहार के दर्जनों साधुओं की गिरफ्तारी ने यह बता दिया कि विहिप समर्थक गांवों में पहले से ही मौजूद थे, जिनका पता न तो स्थानीय पुलिस को था और न ही खुफिया एजेंसी को। निश्चित ठिकानों तक साधु-संतों को पहुंचाने के लिए लग्जरी गाड़ियों, बाइक तथा साइकिल का सहारा लिया जा रहा है। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि पदयात्रा जारी है और हो रहीं गिरफ्तारियां इस बात का प्रमाण हैं कि यात्रा को जनसमर्थन मिल रहा है। विहिप का उद्देश्य धार्मिक एकजुटता व समरसता पैदा करना है। डीआइजी बीडी पॉल्सन का कहना है कि जो लोग निषेधाज्ञा तोड़ कर पदयात्रा के लिए निकल रहे हैं उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।