17 February 2019



प्रादेशिक
ऊँचा सोचो, बड़े सपने देखो, आगे बढ़ो
02-09-2013

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के युवाओं का आव्हान किया है कि ऊँचा सोचो, बड़े सपने देखो और आगे बढ़ो। ऐसा काम करो कि इतिहास के पन्नों में नाम दर्ज हो जाय। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं के सपने साकार करने और कठिनाइयाँ दूर करने में कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़ी है।

श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास पर अभूतपूर्व उत्साह के बीच आयोजित अनुसूचित जाति-जनजाति पोस्ट मैट्रिक विद्यार्थी जागृति शिविर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हवा, पानी, जमीन तथा प्राकृतिक संसाधन सबके हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी समग्र विकास का लक्ष्य लेकर चली है पर उसका ध्यान सबसे पहले उन पर है जो समृद्धि और विकास की दौड़ में पीछे रह गये हैं। कार्यक्रम में वित्त एवं जल संसाधन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री जयंत मलैया, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती रंजना बघेल, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री हरिशंकर खटीक, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, आदिवासी वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री इन्द्रेश गजभिये, मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि निजी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लेने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों की निर्धारित संख्या में फीस राज्य सरकार भरेगी। इसी तरह बी.एड., बी.डी.एस., इंजीनियिरिंग डिप्लोमा, नर्सिंग तथा फार्मेसी सहित आठ पाठ्यक्रमों की फीस भी राज्य सरकार भरेगी। विदेश अध्ययन के लिये अनुसूचित जाति-जनजाति के पचास-पचास विद्यार्थियों को राज्य सरकार मदद करेगी। पहले दस-दस विद्यार्थियों को सहायता दी जाती थी। अब अनुसूचित जाति-जनजाति की बालिकाओं को कक्षा ग्यारह में प्रवेश लेने पर नयी साईकिल दी जायेगी। टंट्या भील स्वरोजगार योजना में उद्योग लगाने के लिये अनुसूचित जाति-जनजाति के युवाओं को तीस प्रतिशत अनुदान अधिकतम तीन लाख रुपये दिया जायेगा। ये युवा, मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना का लाभ भी ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि युवा स्व-रोजगार माँगने वाले नहीं देने वाले बनें।

श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में महानायकों के सम्मान की परम्‍परा रही है। स्वतंत्रता संग्राम के नायक टंट्या भील का स्मारक बनाया जा रहा है। बाबा साहब अम्बेडकर के जन्म स्थान पर भव्य स्मारक बनाया गया है। यहाँ हर साल अम्बेडकर महाकुंभ आयोजित किया जाता है। संत रविदास महाकुंभ और कबीर प्रकटोत्सव भी मध्यप्रदेश में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों भी पूजा की परम्परा डालकर ही विकास की ओर कदम बढ़ाये जाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह वही मध्यप्रदेश है जो आठ-नौ साल पहले बीमारू कहलाता था, विकासदर ऋणात्मक थी। आज मध्यप्रदेश देश में सबसे तेजी से बढ़ता प्रदेश है। मध्यप्रदेश की विकास दर और कृषि विकास दर देश में सबसे ज्यादा है। अधोसंरचना विकास में भी बेहतर काम किया गया है। अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों के लिये कई योजनाएँ बनायी गई हैं। इन्हें दी जाने वाली छात्रवृत्ति-शिष्यवृत्ति महँगाई के सूचकांक से जोड़ा गया है। बीते दस सालों में आदिवासी उपयोजना और अनुसूचित जाति उपयोजना का बजट करीब आठ गुना किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिये निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य विकासखंडों में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू किये गये हैं। प्रदेश में इस वर्ष तीन नये शासकीय मेडिकल कॉलेज तथा दो नये शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जायेंगे, जिनमें अनुसूचित जाति-जनजाति विद्यार्थियों को आरक्षण मिलेगा।

स्वागत भाषण देते हुए आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री विजय शाह ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति -जनजाति के कल्याण के लिये कई महत्वपूर्ण योजनाएँ बनायी गई हैं। इन वर्गों के विद्यार्थियों के लिये पॉलीटेक्निक तथा आई.टी.आई. कॉलेज खोले गये हैं। प्रदेश के 89 आदिवासी विकासखंडों में अंग्रेजी माध्यम के स्कूल शुरू कर दिये गये हैं। पूरे प्रदेश में जागृति शिविर लगाये जा
रहे हैं।

कार्यक्रम में सुश्री सुहासिनी जोशी समूह द्वारा वंदेमातरम् तथा मध्यप्रदेश गान प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने शिविर आये विद्यार्थियों का स्वागत पुष्प वर्षा कर किया। कार्यक्रम में देश भक्ति के गीतों की प्रस्तुति की गई। अंत में अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री हरीशंकर खटीक ने आभार व्यक्त किया।