19 February 2019



राष्ट्रीय
पीड़ित छात्रा के घर में घुसी संदिग्ध महिला पत्रकार
05-09-2013
आसाराम बापू के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले पीड़ित परिवार की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कानूनी जंग के बीच गुरुवार को उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई, जब एक संदिग्ध महिला पत्रकार उनके घर पहुंच गई। उसने पीड़ित छात्रा और मां से मिलने की कोशिश की। हालांकि तुरंत हरकत में आई पुलिस ने पत्रकार को रोक लिया और आइ कार्ड मांगा। पूछताछ में सटीक पहचान न बता पाने पर उसे बैंरग लौटा दिया। गुरुवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे 35 वर्षीय एक महिला शाहजहांपुर स्थित पीड़ित छात्रा के घर पहुंचीं। वह पुलिस को चकमा देकर किसी तरह घर के अंदर दाखिल हो गई, इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया। पूछताछ की तो महिला ने बताया कि वह इंदौर [मध्य प्रदेश] से आई है और एक अखबार में काम करती है। वह पीड़ित छात्रा से मिलना चाहती है। जब पुलिस ने पत्रकार से अखबार का पूछा तो वह बगलें झांकने लगी। आइ कार्ड भी नहीं दिखा सकी। मामला संदिग्ध देख पुलिस ने तुरंत उसे बैरंग लौटा दिया।

हालांकि सुरक्षा में हुई इस गंभीर चूक से घर में मौजूद छात्रा और उसकी मां बुरी तरह सहम गई। घटना के वक्त छात्रा के पिता घर पर नहीं थे। एक भाई था, जिसने किसी तरह मामला संभाला। पूछताछ में पत्रकार ने यह बताया कि वह अपने अखबार के हेड ऑफिस [इंदौर] से आई है। आइ कार्ड लाना भूल गई। चौंकाने वाली बात यह थी कि काफी पूछने पर भी वह अखबार का नाम नहीं बता सकी।

उधर, लड़की की मां ने आशंका जताई कि महिला कोई पत्रकार नहीं, बल्कि आसाराम बापू की दूत थी। घर का भेद लेने के लिए आई थी। इस मामले में पुलिस का कहना है कि महिला पत्रकार का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया है। उसकी जांच की जा रही है। जल्द सच्चाई सामने आएगी। सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।