21 February 2019



प्रादेशिक
अनेक मंत्री-विधायकों के टिकट पर लटकी तलवार
05-09-2013
प्रदेश में सत्ता की हैटट्रिक बनाने को आतुर भाजपा अपनी चुनावी रणनीति के तहत अनेक विधायकों और कतिपय मंत्रियों के टिकट पर कैंची चला सकती है। इनके खिलाफ क्षेत्र में मौजूद एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर ही इसकी वजह बनेगा। सत्ता और संगठन प्रमुख ने संबंधित विधायकों को इस बारे में स्पष्ट संकेत भी दे चुके हैं।

इस मामले में पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे और विभिन्न स्तरों पर सामने आए फीडबैक भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं। इसलिए ऐसे लोगों को क्षेत्र में सक्रियता ब़़ढाकर स्थिति सुधारने की समझाइश भी दी जा चुकी है। प्रदेश के पूर्व संगठन महामंत्री व सांसद कप्तान ¨सह सोलंकी एवं सांसद रघुनंदन शर्मा इस पहले ही इस मुद्दे को रेखांकित कर चुके हैं। बताया जाता है कि लगभग 45 से अधिक विधायकों के टिकटों पर तलवार लटक रही है।

हो सकता है नुकसान: गौर

अब पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर का भी यही कहना है कि कतिपय मंत्री-विधायकों के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर असर दिखाएगा। एक चर्चा में उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव थोड़ा-बहुत तो परिवार में भी रहता है इसलिए यह कोई नई बात नहीं है। लेकिन जिन लोगों के खिलाफ निर्वाचन क्षेत्र में असंतोषष ज्यादा है उनके कारण नुकसान हो सकता है।

ये हैं विचाराधीन

जिन विधायकों की सीट पर विचार विमर्श का दौर चल रहा है उनमें डॉ. विनोद पंथी, राजेन्द्र सलूजा, अजय यादव, ललिता यादव, रेखा यादव, उमा देवी खटीक, सुरेंद्र गहरवार, विश्वमित्र पाठक, लक्ष्मण तिवारी, अभय मिश्रा, दिलीप जायसवाल, मीना ¨सह, प्रतिभा ¨सह, जितेन्द्र डागा, ध्रुवनारायण ¨सह, आशारानी ¨सह, भानू राणा, रमेश भटेरे, प्रेमनारायण ठाकुर, देवेन्द्र पटेल एवं ब्रह्मानंद रत्नाकर आदि के नाम भी शरीक हैं।

इन्हें मिली समझाइश

मौजूदा मंत्रियों में हरिशंकर खटीक, केएल अग्रवाल, बृजेन्द्र प्रताप ¨सह और रामदयाल अहिरवार को अपने क्षेत्र में अतिरिक्त मेहनत का मशविरा दिया गया है। पूर्व मंत्री राघवजी भाई को भाजपा निष्कासित कर चुकी है। इसलिए विदिशा सीट पर अनेक नेता दावेदारी कर रहे हैं।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेंद्र ¨सह तोमर ने इस बात का संकेत दिया है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने की तैयारी है। पहली सूची में ऐसे लोगों के नाम घोषित किए जाएंगे जिनकी सीट \'ए प्लस\' की श्रेणी में है और वहां उम्मीदवारी को लेकर कोई असहमति भी नहीं है।