18 February 2019



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परंपरा के नाम पर खूनी खेल, 572 घायल
07-09-2013
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में सालों से कायम परंपरा को जीवित रखने के नाम पर एक बार फिर खूनी खेल खेला गया। जाम नदी के तट पर लगे विश्वप्रसिद्घ गोटमार मेले में शुक्रवार सुबह से शाम तक हुई पत्थरबाजी में 572 लोगों का खून बहा। इनमें से सात गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रशासन मूकदर्शक बना लोगों की मरहम पट्टी करने में जुटा रहा जबकि सैकड़ों लोग गोटमार से अपने गांव की साख बचाने की कवायद में लगे रहे।

जानकारी के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस साल अधिक लोग घायल हुए हैं। जाम नदी के बीचोंबीच गाड़े जाने वाले जिस निशान को बचाने के लिए पांढुर्णा और साबरगांव के लोग एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हैं, उसे इस साल पांढुर्णा ने उखाड़ लिया। करीबन दस साल बाद पांढुर्णा गांव ने मेल में जीत हासिल की।

शुक्रवार को सुबह नदी के तट पर स्थित चंडी देवी के मंदिर में हुई पूजा-अर्चना के बाद झंडा गाड़ा गया और इसी के साथ गोटमार मेले की शुरुआत हुई। सुबह 9 बजे से चली पत्थरबाजी शाम 5 बजे तक चली। कभी तेज तो कभी धीमे बरसते पत्थरों से शाम तक 572 लोगों के घायल होने की खबर है। इनमें से सात की हालत गंभीर बनी हुई है। मेले में लगभग 500 पुलिसकर्मी वर्दी और सादी वेशभूषषा में तैनात किए गए थे।

व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी और पुलिस अधीक्षक पुरुषोत्तम शर्मा समेत पूरी प्रशासनिक टीम पांढुर्णा में मौजूद रही।