21 February 2019



प्रमुख समाचार
मध्यप्रदेश में 35 प्रतिशत युवा मतदाता
07-09-2013

मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। पिछले 2 वर्ष के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा संचालित स्वीप प्लान सहित अन्य गतिविधियों के फलस्वरूप निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति युवाओं में उत्साह आया है। मध्यप्रदेश में युवा मतदाताओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई। प्रदेश के कुल 4 करोड़ 64 लाख 42 हजार 852 मतदाताओं में लगभग 35.06 प्रतिशत संख्या 18 से 29 साल के युवाओं की है।

इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में 22 लाख 59 हजार 243 युवा मतादाता ऐसे हैं, जो 18-19 वर्ष के है। कुल मतदाताओं में इनका प्रतिशत 4.86 है। इनमें पुरूष मतदाता की संख्या 12 लाख 84 हजार 788 तथा महिला मतदाताओं की संख्या 9 लाख 74 हजार 370 है। इसी आयु वर्ग में अन्य दूसरे मतदाताओं की संख्या 85 है।

वहीं 20 साल से 29 साल के बीच युवा मतदाताओं की संख्या एक करोड़ 40 लाख 25 हजार 514 है। इनका प्रतिशत 30.20 है। इनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 76 लाख 27 हजार 908 और महिला मतदाताओं की संख्या 63 लाख 97 हजार 124 है। अन्य दूसरे मतदाताओं की संख्या 482 है।

18-19 वर्ष के युवा मतदाताओं की सर्वाधिक संख्या एक लाख 10 हजार 707 धार जिले में है। उसके बाद शिवपुरी जिले में 87 हजार 279, बड़वानी जिले में 77 हजार 913, सागर जिले में 76 हजार 978, खरगौन जिले में 72 हजार 907, रीवा जिले में 63 हजार 374 और छिन्दवाड़ा जिले में 63 हजार 180 हैं।

इसी तरह 20 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवा मतदाताओं वाले जिले में सबसे अधिक इंदौर में 6 लाख 43 हजार 813, जबलपुर में 5 लाख 24 हजार 870, भोपाल में 5 लाख 18 हजार 891, धार में 5 लाख 2 हजार 14, सागर में 4 लाख 72 हजार 61, सतना में 4 लाख 41 हजार 886, रीवा में 4 लाख 27 हजार 551, छिन्दवाड़ा में 4 लाख 25 हजार 190 और मुरैना में 4 लाख 21 हजार 965 है।

स्वीप ने बढ़ाये युवा वोटर

चुनाव आयोग के निर्देश पर विगत तीन वर्ष से स्वीप कार्यक्रम (सिस्टेमेटिक वोटर एजुकेशन एण्ड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन) संचालित है। इसका उद्देश्य पहले पंजीकरण को बढ़ाना फिर मतदान केन्द्र तक अधिक से अधिक मतदाताओं को लाना है। इसके लिये राज्य से जिला स्तर तक समिति गठित कर नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये। स्वीप की गतिविधियों द्वारा युवाओं और महिलाओं पर विशेष रूप से फोकस किया गया है, जिसके फलस्वरूप युवा मतदाताओं की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज हुई है।