16 February 2019



राष्ट्रीय
संतों के खिलाफ साजिश का जल्द होगा पर्दाफाश
08-09-2013

 आसाराम बापू संत ही नहीं परमपूज्य संत हैं। योग गुरु बाबा रामदेव ने भी हालिया प्रेस वार्ता में बापू को परम पूज्य श्री संत के संबोधन से सम्मान दिया। जहां तक नरायण सांई पर आरोप की बात है तो यह मीडिया की देन है। दुष्प्रचार के कारण ही भक्त आरोप लगाने लगे हैं। यदि आरोप सही थे तो अभी तक यह लोग सामने क्यों नहीं आए। संतों के खिलाफ साजिश का जल्द ही पर्दाफाश होगा।

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यह कहना है आसाराम बापू के केंद्रीय प्रवक्ता सुनील वानखेड़े का। वह रविवार को जागरण से दूरभाष पर अहमदाबाद से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने आसाराम बापू को फिर साजिश का शिकार बताया। कहा कि संत समाज को बदनाम करने का अभियान चल रहा है। आखिर बापू पुलिस से क्यों भागे, सवाल पर केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि एफआइआर दर्ज होने की खबर से वरिष्ठ साधक देवकृष्णा जी को दिल का दौरा पड़ गया। इस कारण वह जोधपुर नहीं जा सके। लेकिन तब तक पुलिस पहुंच गई। उन्होंने आसाराम बापू के बेटे नरायण साई को भी संत बताया, कहा कि नरायण साई दहेज, भ्रूण हत्या, भ्रष्टाचार व विदेशी सामान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। इस दौरान कई सेवादारों का उन्होंने दहेज रहित विवाह भी कराया। इस बीच यदि किसी को शादी के बाद आशीर्वाद दे दिया तो इसमें नरायण साई का दोष नहीं। उन्होंने सारा दोष मीडिया पर मढ़ते हुए कहा कि दुष्प्रचार की खबरों से विरोधी तत्व सक्रिय हो गए, जो फायदा उठाने की कोशिश में हैं।

उन्होंने दावा किया कि कोर्ट से बापू दोषमुक्त हो जाएंगे। केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि जोधपुर व शाहजहांपुर आश्रम समेत ट्रस्ट की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही प्रशासन को इस बाबत लिखित में पक्ष भी भेज दिया जाएगा।

आश्रम छोड़ भागे आसाराम समर्थक

 रुद्रपुर गांव स्थित आसाराम बापू आश्रम से बाहरी साधकों को प्रशासन ने हटा दिया। शनिवार देर रात की गई कार्रवाई में आधा दर्जन साधक बोरिया-बिस्तर समेटकर चले गए। अब सिर्फ गोरखपुर के एक साधक को प्रशासन ने गाय और बछड़े की सेवा के साथ आश्रम की देखरेख के लिए छोड़ा है। ग्रामीणों ने गोरखपुर के सेवादार को भी हटाने के लिए आश्रम को घेर कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस की सख्ती पर ग्रामीण अंदर नहीं घुसे, लेकिन उन्होंने नहर रोड पर जाकर आश्रम का बोर्ड तोड़ दिया। नारेबाजी कर आसाराम का पुतला फूंका।

जोधपुर में आसाराम बापू की हैवानियत की शिकार नाबालिग की पीड़ा बांटने के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल बहादुर बेटी के घर पहुंचा था। इस दौरान पीड़िता के पिता ने आसाराम के आश्रम में मौजूद समर्थकों को हटाए जाने की मांग की थी। प्रतिनिधिमंडल की सिफारिश पर प्रशासन ने शनिवार देर रात बाहरी लोगों को आसाराम आश्रम छोड़ने को विवश कर दिया। लेकिन उन्होंने व्यवस्था व गाय-बछड़े की सेवा के लिए गोरखपुर के सेवादार को वहां बने रहने दिया। ग्रामीण उसे भी हटाना चाहते थे लेकिन पीड़िता के पिता व पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। ग्रामीणों का आक्रोश देख पीड़िता के पिता ने एसडीएम सदर जयनाथ यादव से बात की। एसडीएम ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि विधिक तरीके से आश्रम को आसाराम के समर्थकों से मुक्त करा दिया जाएगा।