17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
स्वर्णाक्षरों में लिखी जाएगी जरदारी की विरासत: बिलावल
13-09-2013

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा है कि उनके पिता की विरासत स्वर्णाक्षरों में लिखी जाएगी क्योंकि उन्होंने बेलगाम गठबंधन और न्यायपालिका की ओर से लगातार हमले होने के बावजूद देश में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक परिवर्तन को सुनिश्चित किया। तीन अखबारों में प्रकाशित लेख में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी [पीपीपी] के सह अध्यक्ष बिलावल ने कहा, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि जरदारी की विरासत स्वर्णाक्षरों में लिखी जाएगी। मैं न तो उनके बेटे की हैसियत से और न ही पीपीपी के सह अध्यक्ष के रूप में ऐसा कह रहा हूं। मैं इतिहास के छात्र के रूप में ऐसा कह रहा हूं। उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में जरदारी के कार्यकाल की तुलना अमेरिका के लिंडन बी जॉनसन से की है। बिलावल ने लिखा है कि जॉनसन भी अप्रत्याशित रूप से राष्ट्रपति बने थे। वह लोकप्रिय जॉन एफ कैनेडी की हत्या के बाद सत्ता में आए थे। शहीद मोहतरमा बेनजीर भुट्टो की तरह ही कैनेडी की तब हत्या कर दी गई थी जब उनके एजेंडे का अधिकांश भाग पूरा ही नहीं हो पाया था। बिलावल ने कहा कि आठ सितंबर को पद छोड़ने वाले जरदारी वैश्विक मंदी के समय सत्ता में आए थे। उन्हें बेलगाम गठबंधन का सामना करना था और सुप्रीम कोर्ट की ओर से हो रहे हमले को भी सहन करना था, जो कि उन्हें हमेशा कमजोर बनाना चाहता था। इन सबके बावजूद जरदारी ने पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हस्तांतरण सुनिश्चित किया। पिता की उपलब्धि के बारे में बिलावल ने लिखा है कि जरदारी ने सबसे शक्तिशाली असैनिक राष्ट्रपति के रूप में अपनी शक्तियां छोड़ दीं और केंद्र से शक्तियां प्रांतों को हस्तांतरित कर दीं। इससे लोकतंत्र को मजबूती मिली। बिलावल का यह लेख एक्सप्रेस ट्रिब्यून, द न्यूज और पाकिस्तान टुडे में प्रकाशित हुआ है।