24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सीरिया पर हमला रोकने को केरी-लावरोव में वार्ता
13-09-2013

मॉस्को। सीरिया के रासायनिक हथियारों को अंतर्राष्ट्रीय नियंत्रण में लेने के प्रयास शुरू हो गए हैं। सैन्य हमला टालने के लिए मॉस्को के चार चरण वाले फार्मूले पर अमेरिका और रूस के शीर्ष राजनयिकों के बीच गुरुवार को जेनेवा में बातचीत प्रारंभ हुई। उधर, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने कहा कि हम अमेरिकी धमकी नहीं रूस की वजह से हथियार सौंपने को तैयार हुए हैं। जेनेवा में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव ने गुरुवार को मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच इस चार स्तरीय फार्मूले पर बातचीत शुक्रवार को समाप्त होगी। इसे शनिवार के लिए भी बढ़ाया जा सकता है। फार्मूले के तहत पहले चरण में सीरिया \'ऑर्गनाइजेशन फॉर द प्रोहिबिशन ऑफ केमिकल वीपंस [ओपीसीडब्ल्यू] में शामिल होगा। दूसरे चरण में दमिश्क को रासायनिक हथियारों के स्थान के बारे में बताना होगा। उसे यह भी बताना होगा कि ये हथियार कहां पर तैयार किए गए हैं। तीसरे चरण में ओपीसीडब्ल्यू के निरीक्षकों को सीरिया में रासायनिक हथियारों के जांच की अनुमति दी जाएगी। अंतिम चरण में निरीक्षकों के सहयोग से इस बात का निर्णय लिया जाएगा कि किस प्रकार उन्हें नष्ट करना है। लावरोव ने कहा है कि अब भी सीरिया में शांति की संभावना मौजूद है। विश्व समुदाय को इसका मौका नहीं गंवाना चाहिए। उधर, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि उनका देश इस बात पर जोर देगा कि सीरिया रासायनिक हथियारों का त्याग करने के प्रति गंभीर कदम तेजी से उठाए। इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए ने सीरियाई विद्रोहियों को हथियार प्रदान करना प्रारंभ कर दिया है। उधर, फ्रांस के विदेश मंत्री लॉरेन फैबियस ने कहा है कि सीरिया में रासायनिक हथियारों के प्रयोग की जांच करने वाली संयुक्त राष्ट्र की टीम सोमवार को अपनी रिपोर्ट जारी कर देगी। सीरिया में चल रहे गृह युद्ध पर संयुक्त राष्ट्र के एक आयोग की रिपोर्ट में असद की सेनाओं पर अत्याचार का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि फौज ने मई में दो हत्याकांडों को अंजाम दिया। इनमें 450 लोग मारे गए। भूमध्यसागरीय क्षेत्र में अमेरिका के युद्धपोत पूरी तरह से तैनात है, जो आदेश मिलते ही सीरिया पर कार्रवाई कर देंगे। शीर्ष नौसेना अधिकारी ने यह जानकारी दी। नौसेना सचिव रे माबस ने कहा कि मैं इस बात की पूरी गारंटी दे सकता हूं कि यदि हमें हमले के आदेश मिले तो हम कठोर और जल्द कार्रवाई करने करेंगे।