17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
ओबामा को सीरिया संकट का हल निकलने की उम्मीद
13-09-2013

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उम्मीद जताई है कि सीरिया के रासायनिक हथियारों को अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में लेने को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के बीच जेनेवा में हो रही बैठक के सार्थक नतीजे निकलेंगे। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को कहा कि रासायनिक हथियार संधि में शामिल होने के लिए सीरिया की तरफ से उसे आवेदन मिला है। संधि के तहत सीरिया इसके उत्पादन और उपयोग के बारे में बताएगा। ओबामा ने कहा, मुझे उम्मीद है कि सर्गेई और दूसरे पक्षों के साथ केरी की वार्ता के ठोस नतीजे निकलेंगे। केरी और लावरोव सीरिया के रासायनिक हथियारों को अंतरराष्ट्रीय नियंत्रण में लाने के रूसी प्रस्ताव पर जेनेवा में चर्चा कर रहे हैं। गुरुवार को केरी ने संवाददाताओं से कहा था कि उन्होंने ऐसी खबरें देखी है जिसमें सीरियाई शासन ने कहा है कि मानक प्रक्रिया के तहत अपने रासायनिक हथियारों के जखीरे का ब्योरा देने के लिए उसे एक महीने का समय चाहिए। हालांकि हमारा मानना है कि जिस तरह सीरियाई शासन ने व्यवहार किया है उसे देखते हुए इस समय इस प्रक्रिया के लिए कुछ भी मानक नहीं है। यह केवल हथियारों के अस्तित्व की बात नहीं है बल्कि उनका इस्तेमाल हुआ है।\' गत 21 अगस्त को सीरिया की राजधानी दमिश्क के निकट रासायनिक हमलों में 1400 लेगों की मौत के लिए अमेरिका असद प्रशासन को जिम्मेदार मानता है। केरी ने बुधवार को कहा था कि अगर कूटनीतिक प्रयास विफल हुए तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करने के लिए तैयार है। रासायनिक हथियारों को स्थानांतरित किया जा रहावाशिंगटन। सीरियाई सेना की एक खुफिया इकाई रासायनिक हथियारों के जखीरे को करीब 50 स्थानों पर स्थानांतरित कर रही है ताकि अमेरिका उसे खोज न सके। मीडिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी और मध्य पूर्व अधिकारियों के हवाले से कहा कि सीरियाई सरकार के रासायनिक हथियारों के कार्यक्रम की देखरेख करने वाले सीरियन साइंटिफिक स्टडीज एंड रिसर्च सेंटर की शाखा 450 पिछले कई महीनों से हथियारों को हटा रही है। इस कारण सीरिया में नागरिकों पर रासायनिक हमले को लेकर अमेरिका का संभावित हमला आसान नहीं होगा। इससे रूसी प्रस्ताव को लेकर भी सवाल खड़े हुए है, जिसके तहत बशर अल असद सरकार द्वारा रासायनिक हथियारों को अंतररराष्ट्रीय नियंत्रण में देने की बात कही गई है। अमेरिकी और यूरोपीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक यूनिट 450 रासायनिक हथियारों को बनाने और उसकी तैनाती का काम करती है। साथ ही इसके रखरखाव वाले स्थानों की सुरक्षा करती है। अमेरिका का अनुमान है कि असद शासन के पास 1000 मीट्रिक टन रासायनिक और जैविक तत्व हैं।