22 February 2019



प्रादेशिक
भूरिया और मैं सिक्के के दो पहलू
13-09-2013
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भूरिया और हम सिक्के के दो पहलू हैं और भाजपा शिगूफेबाजी करके हममें दरार डालने की कोशिश कर रही है, पर वो कामयाब नहीं होगी। यहां [मध्यप्रदेश] मंत्री के ड्रायवरों के पास करोड़ों रुपए मिलते हैं। कांग्रेस ने सत्ता का तो भाजपा ने भ्रष्टाचार का विकेंद्रीकरण कर दिया है। चुनाव है तो संग्राम की बात भी होगी लेकिन व्यक्तिगत आरोपों में मेरा भरोसा नहीं है। जो आरोप लगेंगे उनका जनता के बीच जवाब दूंगा।

गुरुवार को सेंट्रल प्रेस क्लब के कार्यक्रम में ¨सधिया ने पत्रकारों से बात की। सिंधिया ने कहा कि आरोप लगाने से पहले भाजपा अपने गिरेबान में झांककर देखे तो उसे पता लग जाएगा कि आदिवासी नेता की उपेक्षा किसने की। हमने तो शिवभानु सिंह सोलंकी को अध्यक्ष, जमुना देवी को उप मुख्यमंत्री और कांतिलाल भूरिया को केंद्रीय मंत्री और फिर प्रदेशाध्यक्ष बनाया। वहीं, भाजपा ने फग्गन सिंह कुलस्ते को ही नकार दिया। दरअसल, भूरिया और हम सिक्के के दो पहलू हैं और भाजपा शिगूफेबाजी करके हममें दरार डालने की कोशिश कर रही, जो कामयाब नहीं होगी।

लालबत्ती से परहेज

¨सधिया ने मंत्री पद से जुडे़ सवाल पर कहा कि मुझे इसका मोह नहीं है। मैंने पूरे कार्यकाल में अपनी गाड़ी पर लालबत्ती नहीं लगाई। जबकि, कई मंत्रियों के पीएस, ओएसडी और सहायक तक लालबत्ती लगाकर घूमते हैं। कांग्रेस की सरकार बने तो मंत्रियों को लालबत्ती का त्याग कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में 2003 की तुलना 2013 से नहीं पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के कार्यकाल की शिवराज ¨सह चौहान के कार्यकाल से होगी।

दिग्विजय सिंह हमारे बुजुर्ग

राष्ट्रीय महासचिव को कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव के लिए बनाई गई समितियों में नजरअंदाज करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे हमारे बुजुर्ग और सर्वमान्य नेता हैं। उनसे, कमलनाथ और सुरेश पचौरी से मार्गदर्शन लेकर ही बैठक में प्रस्ताव रखे गए हैं। हम मिलकर काम कर रहे हैं।

सिंधिया ने साफ किया कि इस चुनाव में भ्रष्टाचार के साथ सम्मान, पहचान और सुरक्षा मुख्य मुद्दा रहेगा।

कांग्रेस रोडमैप बनाकर रणभूमि में उतर गई है। जितने हक देने और सामाजिक योजनाओं के काम यूपीए सरकार में हुए हैं उतने पहले कभी नहीं हुए। राज्य सरकार यदि तारीफ के काबिल काम करती है तो प्रशंसा भी होनी चाहिए।