16 February 2019



राष्ट्रीय
पीएम को मुस्लिम नेताओं की ख्ररी-खरी
16-09-2013
मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगों पर केंद्र सरकार और कांग्रेस अब बिल्कुल हरकत में है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुजफ्फरनगर के दौरे से लौटे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने आवास सात रेसकोर्स में मुस्लिम नेताओं से भी मुलाकात की। इसमें मुस्लिम नेताओं ने पीएम को खरी-खरी सुनाई और कहा कि सांप्रदायिक दंगों को आतंकवाद के समान ही अपराध मानते हुए तत्काल अध्यादेश लाया जाए। साथ ही पूरे देश में दंगों की आशंका जताते हुए बिना नाम लिए भाजपा पर सांप्रदायिक माहौल खराब करने का आरोप भी लगाया। करीब 50 मिनट चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ज्यादा कुछ नहीं बोले और उन्होंने सबकी बात पूरे ध्यान से सुनी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा, \'हम चाहते हैं कि देश का हर इंसान महफूज रहे। इसके लिए जो कुछ हो सकता है, वह हम करेंगे।\' हालांकि, प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद भी प्रतिनिधिमंडल बहुत संतुष्ट नजर नहीं आया। मुस्लिम नेताओं का कहना था कि उन्होंने अपनी बात प्रधानमंत्री से कह दी है कि दोषियों को जल्दी सजा दी जाए। साथ ही सिर्फ बात उत्तर प्रदेश की नहीं, बल्कि पूरे मुल्क की है। पूरे देश में फसाद हो रहे हैं और एक खास पार्टी इसको हवा दे रही है। मुस्लिम नेताओं ने सांप्रदायिक हिंसा को आतंकवाद जैसा ही खतरनाक करार दिया। उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र में पारित कराने और उससे पहले हालात को देखते हुए अध्यादेश लाने की मांग की। उनकी एक और बड़ी शिकायत थी कि मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों को राहत शिविरों में न तो केंद्र और न ही राज्य सरकार ही मदद दे रही है। उन्होंने मांग की कि फसाद में जिला प्रशासन और राज्य सरकार की जिम्मेदारी निर्धारित की जाए और दंगों से प्रभावित लोगों का मुआवजा तय हो और उनका पुर्नवास भी सुनिश्चित किया जाए। मुस्लिम नेता 19 सितंबर को इस मुद्दे पर एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें गैरसरकारी, गैरमुस्लिम और मुस्लिम संगठन भी शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री से मिलने वालों में जमीयत उलेमा-ए-हिंद से मौलाना महमूद मदनी, जमात-ए-इस्लामी से मौलाना जलालुद्दीन उमरी आदि कई संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल थे।