18 February 2019



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गीता का ज्ञान जीवन जीने की कला और विज्ञान
16-09-2013

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि गीता का ज्ञान जीवन जीने की कला और विज्ञान है। इसे जीवन में उतारने का प्रयास करने पर ही जीवन सफल होगा। श्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास पर गीता चैम्पियन्स लीग 2013 प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

श्री चौहान ने कहा कि भौतिकता के युग में गीता का ज्ञान ही सच्चा मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि गीता के ज्ञान के अध्ययन से ही उनके जीवन में भी परिवर्तन आया है। उन्होंने भौतिकतावादी वर्तमान समय में गीता ज्ञान के प्रसार के लिये आयोजको को बधाई दी। उन्होंने गीता के अध्ययन को प्राथमिकता देने के लिये विजेताओं की सराहना की। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया।

आशा फाउन्डेशन के अध्यक्ष श्री आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार, अपराध आदि का कारण धर्म से बढ़ रही दूरी हैं। उन्होंने कहा कि आशा संस्था के माध्यम से समाज में जागृति के प्रयास किये जा रहे हैं।

समाजसेवी डॉ. अनिल भण्डारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन इस्कॉन द्वारा भगवद् गीता को लोकप्रिय बनाने तथा वर्तमान समय में गीता की सार्थकता, उसके मुख्य उद्देश्य, नैतिक शिक्षा, लाइफ मैनेजमेंट एवं जीवन पद्धति को केन्द्रित करते हुये किया गया। इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के लगभग 64 हजार प्रतियोगी सीनियर एवं जूनियर समूह में शामिल हुये। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के प्रायोजक आशा फाउंडेशन और सह प्रायोजक अग्रवाल शैक्षणिक समूह के श्री पीयूष अग्रवाल हैं।

कार्यक्रम में सीनियर ग्रुप में एक लाख रूपये और लंदन के इस्कॉन मंदिर की सैर का प्रथम पुरस्कार कुमारी खुशबू शुक्ला शासकीय कन्या महाविद्यालय रतलाम को, 51 हजार रूपये का द्वितीय पुरस्कार श्री केशव कुमार सेन मॉडल हायर सेकेण्ड्री स्कूल भोपाल और 21 हजार रूपये का तृतीय पुरस्कार कुमारी रूपाली श्रीवास्तव हायर सेकेण्डरी शासकीय स्कूल लटेरी विदिशा को प्रदान किया।

जूनियर ग्रुप में प्रथम पुरस्कार 51 हजार रूपये का कुमारी पायल परमार मारूति स्कूल नागदा को, 21 हजार रूपये का द्वितीय पुरस्कार श्री रवि कुमार शर्मा रामानुज कोट उज्जैन और 11 हजार रूपये का तृतीय पुरस्कार कुमारी सृष्टि यादव आदित्य बिरला पब्लिक स्कूल नागदा को प्रदान किया गया। इसके साथ ही सीनियर और जूनियर ग्रुप में प्रथम सौ प्रतिभागियों और ऐसे 150 स्कूल को भी पुरस्कृत किया गया, जिनके सौ से अधिक विद्यार्थी प्रतियोगिता में शामिल हुये।