18 February 2019



प्रादेशिक
मप्र बना चंदन तस्करों का नया ठिकाना
17-09-2013
चंदन तस्करों ने मध्यप्रदेश को इन दिनों अपना नया ठिकाना बना लिया है। यही वजह है कि आंध्र प्रदेश से अवैध तरीके से चंदन लाकर यहां के गोदामों में रखा जा रहा है। इसके बाद यहां से सडे़ हुए आलू और फलों के बोरों के नीचे मप्र से वाया नागपुर होते हुए मुंबई डाक यार्ड में लाकर एक्सपोर्ट किया जा रहा है।

यह खुलासा हाल ही में नागपुर महाराष्ट्र के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने मप्र के प्रधान मुख्य वन संरक्षक आरएस नेगी को पत्र लिखकर किया है। पत्र में कहा गया है कि मप्र के छोटे वन अफसर इन तस्करों से मिले हुए हैं। यही वजह है कि मप्र में प़़डने वाली वन चौकियों से चंदन से भरे ट्रक आसानी से महाराष्ट्र की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।

एपीसीसीएफ ने कहा कि हाल ही में धुले के टोल नाका पर महाराष्ट्र के वन अफसरों ने ट्रक नंबर टीएन 69 एसी 7716 को पकड़ा है। इस ट्रक में चंदन के बडे़-बड़े लठ्ठे मिले हैं। जो स़़डे हुए आलू की बोरियों में छिपा कर ले जाए जा रहे थे। ट्रक को वन संरक्षण अधिनियम के तहत राजसात कर लिया गया है।

एपीसीसीएफ ने कहा कि ट्रक में जो चंदन मिला है वह केवल आंध्रप्रदेश में पैदा होता है। उन्होंने कहा कि आंध्र से चंदन को पहले मप्र लाया जाता है उसके बाद होशंगाबाद, पिपरिया नागपुर के रास्ते से महाराष्ट्र में प्रवेश कराया जा रहा है।

मंडीदीप में 5 करोड़ का चंदन

आंध्र प्रदेश की इंटरस्टेट इंटेलीजेंस की सूचना पर मप्र के वन विभाग ने मंडीदीप में 12 मई को तस्करों को 5 करोड़ के चंदन सहित पकड़ा था। इस मामले में भोपाल निवासी मुफीद पकड़ में आया है। वन विभाग अभी भी अंतरराज्यीय गिरोह और उसके सरगने से काफी दूर है। वन विभाग के अफसरों का मानना है कि इस गिरोह के तार चेन्नई से जुडे़ हैं।