17 February 2019



प्रादेशिक
आसाराम को करोड़ों की जमीन पर फैसला 27 को
23-09-2013
इंदौर। आसाराम को करोड़ों रुपए की जमीन गुरुदक्षिणा में देने के मामले में 27 तारीख को विशेष अदालत फैसला सुनाएगी। यह फैसला भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने व इसकी जांच करवाने के संबंध होगा। सोमवार को विशेष न्यायाधीश डीएन मिश्र की कोर्ट में दिग्विजियसिंह भंडारी के परिवाद पर सुनवाई हुई। भंडारी के वकील डॉ. मनोहर दलाल ने बहस करते हुए सुप्रीम कोर्ट का एक निर्णय पेश किया। यह निर्णय भोपाल में 20 एकड़ भूमि कुशाभाऊ ठाकरे ट्रस्ट को मात्र एक रुपए में देने के संबंध में था। वकील दलाल ने तर्क दिया कि राज्य शासन अगर किसी व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जमीन सस्ते में उपलब्ध करवाती है तो यह भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। क्योंकि इसका सीधा असर सरकारी खजाने पर पड़ता है। चूंकि यह मामला दस्तावेजों के संबंध में है इसलिए इसकी जांच लोकायुक्त पुलिस या ईओडब्ल्यू से कराई जाए। ये है मामला- परिवाद के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजिय सिंह ने मध्यप्रदेश शासन के स्वामित्व की 6.859 हेक्टेयर भूमि आसाराम के निजी न्यास को प्रदान की थी। इसका बाजार मूल्य 5 करोड़ रुपए था बावजूद उन्हें यह भूमि मात्र रुपए एक वार्षिक भू-भाटक पर दी। आसाराम व उसके पुत्र नारायण को यह भूमि 1998 में दी गई थी, जिससे शासन के खजाने को आर्थिक क्षति पहुंची है। ये वही भूमि है जिस पर यौन उत्पीड़न के आरोपी ने नक्शे के विपरीत जाकर स्वीमिंग पूल, तीन मंजिला बिल्िडग [कुटिया] व अन्य निर्माण अवैध रूप से किए।