17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
ईरानी राष्ट्रपति कुछ महीनों में चाहते हैं परमाणु समझौता
26-09-2013

वाशिंगटन। ईरान के उदारवादी राष्ट्रपति हसन रूहानी देश के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तीन महीने में किसी समझौते पर पहुंचना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई का समर्थन प्राप्त है।

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वाशिंगटन पोस्ट को दिए साक्षात्कार में रूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते के लिए वह तीन या छह महीने की समय सीमा निर्धारित करने के लिए उत्सुक हैं। समझौते के किसी नतीजे पर पहुंचने के लिए खामनेई के समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा कि परमाणु समझौता मेरी सरकार की जिम्मेदारियों में से एक है। मेरी सरकार के पास परमाणु वार्ता को अंतिम रूप देने का पूर्ण अधिकार है। रूहानी ने कहा कि उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम को पारदर्शी बनाना चाहता है ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह विश्वास दिलाया जा सके कि वह परमाणु बम बना नहीं रहा है। पश्चिमी देशों का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम की आड़ में ईरान परमाणु हथियार बना रहा है। हालांकि इन आरोपों से ईरान हमेशा इन्कार करता रहा है।

शीर्ष स्तर पर वार्ता को ईरान तैयार

ईरान के विदेश मंत्री मुहम्मद जावेद जारीफ ने कहा कि उनका देश अपने धुर विरोधी अमेरिका से शीर्ष स्तर पर वार्ता के लिए तैयार है। सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक जारीफ ने कहा कि सैद्धांतिक रूप से रूहानी को ओबामा से मुलाकात में कोई समस्या नहीं थी। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि यह अच्छी शुरुआत हो सकती थी। न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन से इतर दोनों नेताओं के बीच मुलाकात की अटकलें लगाई जा रही थीं। अमेरिका और ईरान के बीच 1979 से कोई राजनयिक संबंध नहीं हैं।

परमाणु कार्यक्रम पर होगी वार्ता

तेहरान ने गुरुवार को अपनी विवादित परमाणु गतिविधियों को लेकर वैश्विक शक्तियों के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मिलने पर सहमति जताई ताकि अप्रैल से रूकी हुई परमाणु वार्ता को फिर से शुरू किया जा सके। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा मानना है कि परमाणु मुद्दा बातचीत से हल हो जाएगा।