19 February 2019



राष्ट्रीय
जम्मू: सेना का ऑपरेशन खत्म, जवानों ने तीनों आतंकियों को किया ढेर
26-09-2013

जम्मू। लश्कर-ए-तैयबा के हिट स्कवाड शौहदा ब्रिगेड के आतंकियों द्वारा बृहस्पतिवार की सुबह सीमावर्ती कठुआ जिले के हीरानगर पुलिस स्टेशन से लेकर जम्मू-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सांबा में सैन्य शिविर तक सनसनीखेज तरीके से किए गए आत्मघाती हमले में सेना के एक कर्नल और एक लेफ्टिनेंट कर्नल समेत 10 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए व दो नागरिकों की मौत हो गई। इस दौरान चार पुलिसकर्मी, दो सैन्यकर्मी और दो नागरिकों समेत आठ लोग जख्मी भी हो गए। सेना ने अपने ऑपरेशन में हमले में शामिल तीनों आतंकियों को भी मार गिराया।

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आतंकियों ने जिस पुलिस स्टेशन से हमला शुरू किया वह पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब सात किलोमीटर दूर है, जबकि सैन्य शीविर करीब 20 किलोमीटर दूर है।

हालांकि अधिकारिक तौर पर किसी भी अधिकारी ने हमले में शौहदा ब्रिगेड के शामिल होने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन खबर में कहा जा रहा है कि एक स्थानीय समाचार एजेंसी को एक व्यक्ति ने फोन पर अपने आप को शौहदा ब्रिगेड का प्रवक्ता बताते हुए हमले की जिम्मेदारी ली है।

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यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि शौहदा ब्रिगेड ने अल मंसूरयिन नामक एक अन्य आतंकी संगठन के साथ मिलकर इसी माह सात सितंबर को श्रीनगर में बावेरियन स्टेट आर्केस्ट्रा के संचालक जुबीन मेहता के कार्यक्रम अहसास-ए-कश्मीर को निशाना बनाने की धमकी देते हुए कहा था कि अगर यह कार्यक्रम हआ तो वह कश्मीर में आने वाले समय में पश्चिमी देशों के पर्यटकों को निशाना बनाएंगे।

सूत्रों ने बताया कि सेना की वर्दी पहने तीन आतंकी आज सुबह तड़के ही पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा में दाखिल हुए होंगे। आतंकियो ने सब्जी लेकर जा रहे एक महिंद्रा 207 वाहन को हरियाचक गांव के पास रोका और उसे चालक रोशन लाल को बंदूक दिखाते हुए अपने साथ हीरानगर की तरफ चलने को कहा। हीरानगर पहुंचने पर आतंकियों ने ट्रक चालक को छोड़ते हुए पहले जेल में दाखिल होने का प्रयास करते हुए फायर किया, लेकिन उसमें नाकाम होने पर वह साथ सटे पुलिस स्टेशन में घुस गए। लेकिन पुलिस स्टेशन में दाखिल होने से पहले उन्होंने बाहर एक ग्रेनेड फेंकते हुए अपने स्वचालित हथियारों से फायरिंग की। इस फायरिंग में थाने का संतरी और साथ सटे पीसीओ का मालिक मौके पर ही मारे गए। इसके साथ ही आतंकी थाना परिसर में दाखिल हो गए और अंधांधुध फायरिंग करने लगे। आतंकियों के अचानक हुए हमले में दो पुलिसकर्मी और मारे गए जबकि एक पुलिसकर्मी समेत तीन लोग जख्मी हो गए। थानापरिसर के भीतर पुलिस द्वारा जब्त किए गए ट्रक का सहचालक भी आतंकियों की गोली से मारा गया।

थाने में मौत का खेलने के बाद आतंकियों ने ट्रक चालक को जान से मारने की धमकी देते हुए उसे अपने साथ चलने को कहा। आतंकी ट्रक में सवार हो हीरानगर से जम्मू के लिए रवाना हो गए, लेकिन तब तक इस हमले की खबर फैलते ही हाई-वे पर पुलिस की नाका पार्टियां जमा होने लगी। आतंकियों ने खतरा भांपते हुए हीरनागर से करीब 22 किलोमीटर दूर जतवाल में ट्रक को छोड़ दिया और वहां से एक मिनीबस को अगवा कर लिया और दियानी-सांबा तक पहुंच गए। वहां उतरकर आतंकी एक ईसाई मिशनरी स्कूल के साथ सटे सेना की 16 कैवेलरी के शिविर में दाखिल हो गए। आतंकी फायरिंग करते हुए ऑफिसर्स मेस तक पहुंचने में कामयाब रहे। उन्होंने वहां मौजूद जवानों और अधिकारियों को कोई मौका दिए बगैर फायरिंग कर दी, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल समेत तीन सैन्यकर्मी शहीद हो गए जबकि एक कर्नल समेत तीन सैन्यकर्मी घायल हो गए। घायल कर्नल की बाद में चंडीगढ़ के अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।

इस बीच, सेना के जवानों ने अपनी पोजीशन ले ली और आतंकियों की घेराबंदी शुरू करते हुए उन्हें मार गिराने का अभियान शुरू किया। इस काम में सेना ने अपने हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली, क्योंकि सेना की 16 कैवेलिरी रेजिमेंट के शिविर विभिन्न हिस्सों में सरंकडा उगा हुआ है, जिसकी आड़ में आतंकी सैन्य प्रतिष्ठान के काफी अंदर तक जाने में कामयाब रहे। दोपहर 12 बजे के करीब नई दिल्ली से एनएसजी का एक कमांडो दस्ता भी मुठभेड़स्थल पर पहुंच गया। कमांडो दस्ते को हेलीकॉप्टर के जरिए मुठभेड़स्थल के पास उतारा गया। हालांकि दोपहर एक बजे के करीब सेना के जवानों ने दो आतंकियों को मार गिराया और कुछ समय बाद तीसरे आतंकी को भी मार गिराने गिराया गया।

उधर, जम्मू क्षेत्र में हुए आतंकी हमले की पाकिस्तान ने कड़ी निंदा करते हुए इसे मूर्खतापूर्ण और बर्बर करार दिया है। उसने कहा कि यह दो देशों के लोगों के बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने से रोकने का कुत्सित प्रयास है। गौरतलब है कि 29 सितंबर को अमेरिका में भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत होने वाली है।

शहीद पुलिसकर्मियों के नाम :

एएसआई रत्तन सिंह, कांस्टेबल शिव कुमार, स्पेशल ग्रेड कांस्टेबल प्रदीप सिंह, एसपीओ मुकेश कुमार।

मृतक नागरिकों के नाम :

सुरेश कुमार पुत्र मोती लाल निवासी सानयाल, ट्रक सहचालक (पहचान नहीं)।

शहीद सैनिकों के नाम :

लेफ्टिनेंट कर्नल विक्रमजीत सिंह (चंडीगढ़), अन्य की पहचान नहीं।