22 February 2019



राष्ट्रीय
कान्हा से खेली होली, अब मैया को रोली
26-09-2013
अपनों ने दुत्कारा तो दिल छलनी-छलनी हो गया। खून के रिश्ते पानी-पानी हुए, तो बदरंग जिंदगी लिए ये अभागन आ गई कान्हा की शरण में। सूने-धवल दामन पर भक्ति के रंग छिटके, तो जैसे जिंदगी फिर मंद-मंद उजाला झांकने लगा। हौसला मिला, तो समाज की रूढि़यां तोड़ने का जज्बा इन बेसहाराओं को मिला। कांपते-सहमे हाथों ने प्रिय कान्हा संग होली खेली। अब यही विधवाएं-वृद्धाएंअपनी पुरानी यादों को ताजा करने के लिए दुर्गा पूजा करने कोलकाता जाएंगी। कष्टों का कड़वा घूंट पीकर कान्हा की भक्ति के सहारे वृंदावन में जिंदगी गुजार रहीं बंगाल से आई विधवाओं के लिए दुर्गापूजा अनूठी खुशियां लेकर आ रही है। इन महिलाओं को अपने घर बंगाल में दुर्गापूजा में ले जाने की अनूठी पहल की जा रही है। कोलकाता में होने जा रहे दुर्गापूजा कार्यक्रम में इन विधवा महिलाओं का स्वागत और सम्मान होगा। इसके साथ ही वह वर्षो बाद अपनों से मिलकर सुखद आनंद की अनुभूति कर सकेंगी विधवाओं को दुर्गापूजा में शामिल होने का न्योता कोलकाता की पूजा कार्य से जुड़ी समिति ने दिया है। इन्हें हवाई जहाज से कोलकाता तक ले जाने और वहां से वापस वृंदावन तक लाने का खर्च के साथ ही कोलकाता में रहने व भोजन आदि का खर्च सुलभ इंटरनेशनल संस्था वहन करेगी। चयनित महिलाएं 6 अक्टूबर को दिल्ली से हवाई जहाज से कोलकाता जाएंगी। वहां 13 अक्टूबर तक रहेंगी और दुर्गापूजा कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इससे पहले फाल्गुन में वह वृंदावन की होली के उत्सव में शरीक हो चुकी हैं। इनका हुआ चयन: स्थानीय पुराना पागल बाबा मंदिर क्षेत्र स्थित मीरा सहभागिनी आश्रय सदन से 20, चैतन्य विहार प्रथम आश्रय सदन से 10, चैतन्य विहार आश्रय सदन द्वितीय से 10 और गौरानगर स्थित आश्रय सदन से 10 विधवाओं का चयन कोलकाता ले जाने के लिए हुआ है। प्रमुख लोगों से रूबरू होंगीं कोलकाता में दुर्गा पूजा कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की प्रमुख हस्तियां भाग लेती हैं और विशिष्ट लोग कार्यक्रम का उद्घाटन करते रहे हैं। ऐसे अवसर पर ये महिलाएं अपने गृह राज्य के प्रमुख लोगों से रूबरू होंगी। वह वृंदावन में मिल रही सुविधाओं और अपनेपन के बारे में भी वहां बता सकेंगी। -मदन झा पदाधिकारी, सुलभ इंटरनेशनल