17 February 2019



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भाजपा ने खरीदवाए 10 हजार बुरके: दिग्विजय
26-09-2013

इंदौर। भोपाल में बुधवार को होने वाले भाजपा के महाकुंभ के पहले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एक बड़ा दांव खेला है।

उन्होंने कहा है कि इस महाकुंभ में मुसलमानों की ज्यादा उपस्थिति दिखाने व वर्ग विशेष को लुभाने के लिए भाजपा ने इंदौर से 10 हजार बुरके खरीदवाए हैं और इसका भुगतान मुख्यमंत्री के नजदीकी बिल्डर दिलीप सूर्यवंशी की फर्म दिलीप बिल्डकान के एक डायरेक्टर देवेंद्र जैन ने किया है।

इंदौर में मंगलवार सुबह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ संवाददाताओं से रूबरू हुए सिंह ने सीतलामाता बाजार स्थित एक कपड़ा दुकान जीनत का बिल पेश करते हुए कहा कि यह सब नरेंद्र मोदी को सेक्युलर नेता के रूप में दिखाने के लिए हो रहा है। भाजपा ऐसा करके यह बताना चाहती है कि उसे अब प्रदेश के मुसलमानों का भी समर्थन हासिल है।

42 लाख का भुगतान

23 अगस्त 2013 के इस बिल में जिस पर क्रमांक 6217 दर्ज है, काले रंग के 10,000 थ्री पीस बुरके 446 रुपए प्रति नग की कीमत पर दिए जाएंगे। इसकी कुल कीमत 44,60,000 रुपए होगी। इसी रसीद के पीछे 42 लाख रुपए का भुगतान भोपाल के किसी देवेंद्र जैन के माध्यम से प्राप्त होने की बात कही गई है।

20 प्रतिशत राशि एडवांस

रसीद पर नोट के रूप में यह भी दर्ज है कि यह सप्लाई ऑर्डर की तारीख से 45 दिन के भीतर होगी और इसके लिए 20 प्रतिशत राशि एडवांस देना होगी। बाकी पैसा बुरकों की डिलेवरी के समय देना होगा। उन्होंने कहा कि जिस देवेंद्र जैन के माध्यम से भुगतान किया गया, उनके यहां पिछले दिनों आयकर छापे की कार्रवाई भी हुई है। उन्होंने कहा कि अब यह प्रदेश की जनता को देखना है कि भाजपा, शिवराज सिंह और दिलीप बिल्डकान के क्या रिश्ते हैं?

150 करोड़ हो रहे खर्च

सिंह ने कहा जिस तरह 10,000 बुरके इंदौर से खरीदे गए हैं, उसी तरह 10,000 टोपियां लखनऊ से खरीदवाई गई हैं। इसका भी सबूत जल्दी ही दूंगा। उन्होंने कहा इस महाकुंभ पर 150 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं और यह पैसा शिवराज सिंह के व्यवासायिक भागीदार दिलीप सूर्यवंशी व पांच अन्य लोग कर रहे हैं।

केवल कोटेशन बनवाया था

इधर, जीनत ड्रेस मटेरियल के कर्मचारी दिनेश मीणा ने कहा कि उनके यहां से न तो बुरकों की खरीदी हुई न ही भुगतान किया गया। जो बिल दिग्विजय सिंह दिखा रहे हैं, वह मात्र एक कोटेशन है, जो कल कोई उनके यहां से बनवाकर ले गया था। उसने कहा था कि 10 हजार बुरके चाहिए।

उन्होंने कहा कि 10,000 बुरके बनाने में करीब एक महीने का समय लगता है। उक्त व्यक्ति ने कहा था कि हमने सरकारी ठेके का टेंडर भरा है और उसके लिए 10 हजार बुरके चाहिए।