19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
आतंक का गढ़ है पाकिस्तान
28-09-2013
अमेरिका के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान आतंक का गढ़ है। व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात के बाद पीएम के इस बयान को देखते पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के साथ रविवार को दोनों की बैठक की उम्मीदें कम होती दिख रही हैं।

शुक्रवार को मनमोहन और ओबामा ने दोनों देशों के बीच पांच साल पहले हुए असैन्य परमाणु करार की अड़चनों पर भी चर्चा की। ओबामा ने भारत-पाक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर मनमोहन सिंह की प्रशंसा की।

व्हाइट हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव सुजाता सिंह और राजदूत निरुपमा राव भी शामिल थीं। गुरुवार को जम्मू के नजदीक हुए दोहरे आतंकी हमलों को देखते हुए मनमोहन को भरोसा है कि वह पाकिस्तानी जमीन से भारत के खिलाफ चल रही आतंकी गतिविधियों पर भारत की चिंताएं स्पष्ट कर पाए। साथ ही, हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों पर लगाम कसने के लिए इस्लामाबाद द्वारा ठोस कदम उठाने की जरूरत भी साफ कर पाए। बैठक में कारोबार के अलावा अमेरिका के सख्त आव्रजन नियमों पर भी चर्चा हुई, जिसकी वजह से आइटी पेशवरों पर असर पड़ रहा है।

ओबामा के साथ बैठक के बाद मनमोहन ने उम्मीद जताई कि भारत के पड़ोसी मुल्कों को आतंक फैलाने में इस्तेमाल होने वाले हथियार मिलने कम हो जाएंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह अब भी न्यूयॉर्क में शरीफ से मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि ओबामा से मुलाकात के दौरान अफगानिस्तान और पाकिस्तान सहित पूरे क्षेत्र के मौजूदा हालात पर चर्चा हुई। उन्होंने ओबामा को तथ्यों के साथ बताया कि पाकिस्तान के आतंक का गढ़ बने रहने के कारण भारत को कैसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओबामा ने कहा कि बैठक में पाकिस्तान और दक्षिण एशिया क्षेत्र में शांतिपूर्ण तरीके से तनाव करने को लेकर चर्चा का मौका मिला। भारत-पाकिस्तान के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर किए जा रहे लगातार प्रयासों के लिए मनमोहन बधाई के पात्र हैं।

भारत के साथ नई शुरुआत चाहता है पाक

संयुक्त राष्ट्र। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात से पहले नवाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ नई शुरुआत चाहता है। पाकिस्तानी पीएम ने कहा कि पाक भारत के साथ फिर से उद्देश्यपूर्ण बातचीत शुरू करना चाहता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए कहा कि वह यूएन प्रस्ताव के मुताबिक इस समस्या का समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे के साथ समृद्ध हो सकते हैं और हमारे सहयोग से पूरे क्षेत्र को फायदा मिलेगा।