19 February 2019



राष्ट्रीय
तृणमूल सांसद कुणाल घोष पार्टी से निलंबित
28-09-2013
तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी विरोधी क्रियाकलापों के चलते सारधा कांड में फंसे अपने राज्यसभा सांसद कुणाल घोष को शनिवार को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ जांच जारी रहेगी। घोष ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सारधा घोटाले में उन्हें बलि का बकरा बनाने का आरोप लगाया था। पार्टी मुख्यालय में तृणमूल के राज्य महासचिव, उद्योग मंत्री व अनुशासनात्मक कमेटी के सदस्य पार्थ चटर्जी ने बताया कि कुणाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने पार्टी का अनुशासन तोड़ा और उनके आरोपों से तृणमूल की छवि खराब हुई है। चटर्जी ने बताया कि उनके साथ सांसद शताब्दी राय व तापस पाल ने भी पार्टी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी की थी। इसीलिए तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बाद में तापस व शताब्दी ने पार्टी प्रमुख व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर माफी मांग ली। लिहाजा दोनों को छोड़ दिया गया। निलंबन के बाद कुणाल घोष ने कहा कि मुझे कोई कारण बताओ नोटिस नहीं मिला है। मैं दीदी के आंदोलन से शुरू से जुड़ा हूं और उनका सम्मान करता हूं।