15 February 2019



राष्ट्रीय
केरन में कारगिल जैसे हालात नहीं : सेना प्रमुख
04-10-2013
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा इलाके के केरन सेक्टर में बीते ग्यारह दिनों से घुसपैठियों से जारी मुठभेड़ को स्थानीय मामला बताते हुए सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कारगिल से इसकी तुलना किए जाने को खारिज किया। सेना प्रमुख का कहना था कि भारतीय हद में घुसे आतंकियों को जल्द ही खदेड़ दिया जाएगा। दुर्दात आतंकी हुरैरा भाग निकला सेनाध्यक्ष ने भारत की सीमा में घुसे 40 आतंकियों के किसी भारतीय गांव या भारतीय चौकी पर कब्जा करने की खबरों को भी नकारा। केरन सेक्टर में कारगिल जैसे हालात के बारे में पूछे जाने पर सेनाध्यक्ष का कहना था कि \'ऐसा कुछ भी नहीं है। यह 30 से 40 आतंकवादियों द्वारा की गई घुसपैठ की कोशिश है।\' सेना प्रमुख के मुताबिक आतंकवादियों ने तीन चार जगहों पर घुसपैठ की कोशिश की तथा सुरक्षाबलों को इसके बारे में जानकारी थी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थापना दिवस कार्यक्रम के हाशिये पर मीडिया से मिले जनरल सिंह ने केरन ऑपरेशन की ताजा स्थिति के संबंध में बताया कि आतंकियों को रोक दिया गया है और उनमें कुछ मारे गए हैं। सेनाध्यक्ष के अनुसार घुसपैठियों को सभी तरफ से घेर लिया गया है और स्थिति हमारे पक्ष में है। इलाके को दुर्गम बताते हुए उनका कहना था कि हालात पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि घुसपैठिये आतंकियों व पाकिस्तानी सेना के उनके संदिग्ध सहयोगियों ने किसी भारतीय बंकर या चौकी पर कब्जा नहीं किया है। वायुसेना भी मदद को तैयार सीमा पर पाकिस्तान की ओर से तनाव बढ़ाने की कोशिशों को गंभीर बताते हुए तीनों सेना प्रमुखों की समति के मुखिया और वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को भारतीय सीमा में धकेलने की कोशिश हो रही है। केरन सेक्टर पर उन्होंने कहा कि वायुसेना भी स्थिति पर नजर रखे हुए है। यदि सेना की ओर से किसी तरह की मदद मांगी जाती है तो वह उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वायुसेना की जरूरत अधिक बड़े सैन्य अभियानों के लिए होती है।