17 February 2019



प्रादेशिक
जेल प्रशासन की उड़ गई नींद
02-10-2013

खंडवा। जिला जेल से सिमी आतंकियों के फरार होने की घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। मंगलवार को जेल विभाग के वरिष्ठ अफसर और इंटलीजेंस के अफसर खंडवा जेल में पहुंचे और लंबी जांच-पड़ताल की। आरोपियों के फरार होने के लगभग आठ घंटे बाद भी जेल में सुरक्षा चूक संबंधी जिम्मेदारी तय नहीं की गई। देर शाम तक वरिष्ठ अफसर जेल में जांच करते रहे। एडीजे इंटलीजेंस सरबजीत सिंह ने कहा कि इस घटना के बाद हम लोग पूरी तरह से सजग हैं। सभी दूर नाकाबंदी की गई है। नियम अनुसार जांच की जा रही है। डीजी जेल सुरेंद्रसिंह ने कहा- सुरक्षा की चूक हुई है। जो भी दोषी है उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जेल पूर्ण रूप से सुरक्षित है। मैं जांच ही करने आया हूं। मजिस्ट्रियल जांच अलग से होगी। जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। इसके बाद डीजी जेल ने घटना स्थल का मुआयना भी किया। यहां उन्होंने दीवार पर बने निशान देखे एवं आसपास पास की जगह की गहनता से चेकिंग भी की। इस दौरान जेल विभाग के प्रमुख सचिव जीटी इक्का, आईजी विपिन माहेश्वरी, आईपीएस प्रमोद सिन्हा, कलेक्टर नीरज दुबे, एसपी मनोज शर्मा, एसपी महिला सेल इंदौर मनोज राय सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सीबीआई जांच की मांग

जिला जेल से कैदियों के फरार होने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश के गृहमंत्री से जेल प्रशासन को बर्खास्त करने की मांग की है। जेल के सुरक्षा घेरे को भेदकर सिमी सदस्यों का फरार होना गंभीर मामला है। इस मामले की सीबीआई जांच होना चाहिए। इस षड्यंत्र में जो भी शामिल हो, उस पर कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

लचर कानून व्यवस्था

कांग्रेस पार्षद मोहम्मद लियाकत पंवार ने डिप्टी कलेक्टर एसएस बघेल को एक ज्ञापन सौंपकर जेल से कैदी भागने को प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था करार दिया है। उन्होंने सिमी के आतंकियों के फरार होने पर सवाल उठाते हुए इसमें जेल प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।

गवाहों को दें सुरक्षा

राष्ट्र भक्त वीर युवा मंच ने कैदियों की फरारी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। ब़़डाबम पर एक कार्यक्रम आयोजित करज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपते हुए युवा मंच ने सिमी प्रकरणों में गवाह लोगों को सुरक्षा मुहैया करवाने का उल्लेख भी किया है। साथ ही सिमी के आतंकी फरार होने के मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है।

पकड़कर फांसी लगा दो..

खंडवा। आरोपियों के जेल से फरार होने के बाद भी शहर दहशत में है। इस बीच सिमी आतंकियों की गोली का शिकार हुए शहीद सीताराम यादव की पत्नी ज्योति दहशत में है। ज्योति ने कहा आरोपियों को पक़़डकर फांसी पर च़़ढा देना चाहिए। मैंने आज बच्चों को भी घर से बाहर नहीं भेजा है। हम सब डरे हुए है। यह कहते हुए ज्योति रो प़़डी।

बैंककर्मी रविशंकर पारे के परिजन भी दहशत में है। सीधे-साधे बैंककर्मी से बाइक छीनने के लिए आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी थी। उनके ब़़डे भाई विजयशंकर पारे ने कहा हमारे परिवार को सुरक्षा मुहैया कराया जाना चाहिए। लंबी न्यायिक प्रक्रिया की वजह से आरोपियों को सजा नहीं हो सकी। जेल प्रशासन की लापरवाही से आरोपी भागे है। हम सभी तभी से दहशत में है। अधिवक्ता संजय पाल तीन पुलिया में एटीएस जवान को गोली मारने के बाद भागने वाले बदमाश को पक़़डने दौ़़डे थे और खुद ही गोलियों का शिकार हो गए थे। गणेशतलाई में रहने वाला उनका परिवार दहशतजदा है।