19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान में आइएसआइ पर नकेल कसने की तैयारी
04-11-2013

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के ताकतवर और बदनाम खुफिया संगठन आइएसआइ (इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस एजेंसी) पर लगाम कसने की पूरी तैयारी हो चुकी है। पाकिस्तानी की संसद में खुफिया एजेंसी के कामकाज पर नजर रखने के लिए एक रिपोर्ट पेश की गई है। यदि सरकार इसे मंजूर करती है तो आइएसआइ को संसद के प्रति जवाबदेह बनना होगा।

मानवाधिकारों पर संसद की 15 सदस्यीय स्थायी समिति ने बीते बुधवार कोआइएसआइ के संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें लापता नागरिकों के मामले की जांच संसद की सुरक्षा समिति से कराने की सिफारिश की गई है। आइएसएस पर लोगों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लेने का आरोप लगता रहा है। इस रिपोर्ट को समिति के सभी सदस्यों ने स्वीकारा है।

रिपोर्ट को तैयार करने वाली तीन सदस्यीय समिति के संयोजक और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सांसद फरहतुल्ला बाबर ने कहा, \'स्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने छह सुझाव दिए हैं। हमने सुरक्षा एजेंसियों को गिरफ्तारी और लोगों को हिरासत में रखने का अधिकार बरकरार रखा है, लेकिन उनके कामकाज के तरीकों पर नजर रखने की जिम्मेदारी संसद को देने की सिफारिश की है। अभी यदि एजेंसी किसी को पकड़ती है तो उन्हें मालूम नहीं होता कि अब क्या करना है? मानवाधिकार समिति ने कुछ सुधारों के के बाद इसे स्वीकार लिया है।\' पाकिस्तान के कानूनों के मुताबिक अब सरकार के पास इन्हें लागू करने के लिए 60 दिनों का समय है।

कागजों की बात करें तो आइएसआइ पर प्रधानमंत्री और सरकार का नियंत्रण है। लेकिन, इतिहास पर ध्यान दें तो कोई ऐसी सरकार पाकिस्तान में नहीं बन पाई जो आइएसआइ पर नियंत्रण कर सके। पूर्ववर्ती पीपीपी सरकार ने 2008 में ऐसी ही कोशिश की थी। खुफिया एजेंसियों को गृह मंत्रालय के अधीन लाने का प्रयास हुआ था। लेकिन, सेना की नाराजगी के बाद गृह मंत्रालय को 24 घंटे में कदम पीछे खींचने पड़े थे।