17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाक को आतंकी राष्ट्र घोषित करने वाला था अमेरिका
06-11-2013

वाशिंगटन। अलकायदा सरगना और दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकी ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए चलाए गए अभियान के सफल होने के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने की धमकी दी थी।

इसके अलावा लादेन की एबटाबाद हवेली से मिले दस्तावेज में पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के बीच संबंध के कई सुबूत भी मिले थे। अमेरिका ने इन्हें सबके सामने पेश कर पाक की फजीहत करने की तैयारी भी कर ली थी। अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे हुसैन हक्कानी ने अपनी किताब मेग्नीफिसेंट डिल्यूशंस में यह सनसनीखेज खुलासे किए हैं।

लादेन को मारने के लिए पाकिस्तान में घुसकर अमेरिका के नेवी सील्स कमांडो दस्ते ने दुस्साहसिक कार्रवाई की थी। इसके विरोध में पूरे पाकिस्तान में आवाज उठी थी।

किताब के अनुसार, अफगानिस्तान-पाकिस्तान मामलों के तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार परिषद कॉर्डिनेटर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डगलस ल्यूट ने हक्कानी को बुलाकर यह धमकी दी थी। ल्यूट ने हमले के कुछ दिनों बाद हक्कानी को मिलने के लिए बुलाया और कहा कि जिन देशों को अभी आतंकी राष्ट्र हमने घोषित कर रखा है, उनसे कहीं ज्यादा सुबूत अमेरिका के पास पाकिस्तान के खिलाफ हैं।

हक्कानी के मुताबिक ल्यूक ने उनसे कहा कि अमेरिका को आपसे कई सवाल पूछने हैं। उनका जवाब देने के बजाय आप शोर मचा रहे हैं। यदि यह शोर शराबा जल्द बंद नहीं किया गया तो जनता के सामने पाकिस्तान का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। इसके बाद सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर तत्कालीन पाकिस्तानी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार जब अपनी अमेरिकी समकक्ष हिलेरी क्लिंटन से मिलीं तो उन्होंने भी आतंकी संगठनों को पाकिस्तानी मदद का मुद्दा उठाया।

क्लिंटन ने कहा था कि पाक में लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, लादेन और दाऊद इब्राहिम जैसे लोगों को भी सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराई जा रही है।

वार्ता के लिए भारत को राजी कराने का दिया था आश्वासन

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2009 में पाकिस्तान से कहा था कि यदि वह लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों की मदद बंद कर दे तो वह भारत को कश्मीर पर वार्ता के लिए राजी कराने में उसकी मदद करेंगे।

हक्कानी ने अपनी किताब में लिखा है कि ओबामा ने तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को इस संबंध में एक खुफिया पत्र लिखा था।