19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चीन से आगे निकलने के लिए है भारत का मंगल अभियान
06-11-2013

बीजिंग। भारत ने मंगलवार को जैसे ही अपने मंगल अभियान की सफल शुरुआत की, चीन ने बाहरी अंतरिक्ष में शांति बनी रहे यह सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान किया। साथ ही, अपने गोपनीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से पर्दा हटाते हुए लोगों को अगले माह जाने वाले चंद्र रोवर की झलक भी दिखाई। चीन के सरकारी दैनिक \'ग्लोबल टाइम्स\' ने संपादकीय लिखकर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की आलोचना भी की है। इसमें कहा है कि करोड़ों लोगों के गरीब रहने के बावजूद भारत चीन से बढ़त लेने के लिए मंगल पर खोजी उपग्रह भेज रहा है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग ली ने कहा कि बाहरी अंतरिक्ष को पूरी मानव जाति साझा करती है। हर देश को यह अधिकार है कि वह बाहरी अंतरिक्ष का शांतिपूर्ण ढंग से खोज व इस्तेमाल करे। साथ ही, कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बाहरी अंतरिक्ष में स्थायी शांति और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास करना चाहिए। क्या भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से चीन चिंतित है? इसके जवाब में हांग ने कहा कि दोनों देशों में राजनीतिक भरोसा बढ़ा है और परस्पर सहयोग का विस्तार हुआ है।

चीन के सरकारी मीडिया ने आरोप लगाया है कि भारत इस महत्वाकांक्षी कार्य को करने का साहस चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम से आगे निकल जाने के लिए कर रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने \'भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षा चीन को सुराग देती है\' में जमकर भारत की आलोचना की है।

गौरतलब है कि चीन का वर्ष 2011 में भारत जैसा ही अभियान इंगहुओ-1 नाकाम हो गया था। जापान का मंगल अभियान जिसे नोजोमी मिशन नाम दिया गया था, वह भी नाकाम रहा था। भारत ने इस अभियान पर मात्र 450 करोड़ खर्च किए हैं, जबकि चीन और जापान के नाकाम अभियानों पर इससे कहीं बहुत अधिक खर्च किए गए थे।

संपादकीय में कहा गया है कि चीन मानव सहित अंतरिक्ष उड़ान और अंतरिक्ष स्टेशन तकनीक में भारत से पहले से ही आगे है। चांद पर अंतरिक्ष यान भेजने के अलावा चीन अभी अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण कर रहा है। चीन अपनी रणनीतिक शक्ति के साथ-साथ अपने रोजगार को भी बढ़ा रहा है। महाशक्ति बनने के लिए हर तरफ विकास का प्रबंध करना होगा।

यही कारण है कि भारत गरीब स्थिति में होने के बाद भी अपने अंतरिक्ष अभियान, विमानवाहक पोत निर्माण और परमाणु पनडुब्बियां विकसित करना नहीं छोड़ेगा। चीन ने सुनहरे रंग के चंद्र रोवर का मॉडल दिखाया, जिसमें छह पहिए लगे हैं और पंखों की तरह सोलर पैनल लगे हैं। संघाई में चाइना इंटरनेशनल इंडस्ट्री फेयर के उद्घाटन समारोह में इसे देखकर भीड़ ने सराहना की।