22 February 2019



राष्ट्रीय
बसपा सांसद व पत्नी पांच दिन की पुलिस रिमांड पर
05-11-2013

 नौकरानी की हत्या और सुबूत छुपाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के बाहुबली बसपा सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी डॉ. जागृति को पटियाला हाउस कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया। अदालत ने उन पर लगे आरोपों को बहुत गंभीर बताया। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के खिलाफ कई सुबूत मिले हैं। कुछ और साक्ष्य जुटाने की आवश्यकता है। इस बीच नौकरानी राखी के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बुधवार को एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सांसद के सरकारी आवास मे लगे सभी 20 सीसीटीवी कैमरे, रिकार्डिग वाला डिब्बा (डीवीआर), नौकरों को पीटने में इस्तेमाल की गई लाठी व लोहे की छड़ी आदि सामान जब्त कर लिया गया है। अब पुलिस अहम सुबूत प्रेस को बरामद करना चाह रही है, जिससे जागृति 17 वर्षीय नौकर व राखी को जलाती थी। आवास से जब्त किया गया डीवीआर चल नहीं रहा है।

दो दिनों से कई पासवर्ड डालकर उसे चलाने की कोशिश की गई ताकि फुटेज से पता लगाया जा सके कि जागृति दोनों की किस तरह पिटाई करती थी। पुलिस का कहना है कि डीवीआर ठीक था और जागृति की लंबे समय की हरकतें व घटना वाले दिन का पूरा वाकया सीसीटीवी में कैद है। पर राखी की मौत की खबर मिलने पर चार नवंबर को दिल्ली पहुंचे सांसद ने सीसीटीवी के डीवीआर को खोलकर वहां से हटा दिया था।

वहीं मंगलवार रात राखी का इकलौता बेटा शहजान अली दिल्ली आ गया। पोस्टमार्टम के बाद शव उसे सौंप दिया जाएगा। घर के नाबालिग नौकर ने भी जागृति पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।

सांसद भी पीटा करते थे

नौकरानी राखी, मीना व नाबालिग नौकर को जागृति तो पीटती ही थी, कभी-कभी सांसद भी पिटाई करते थे।

पुलिस ने कोर्ट में नाबालिग नौकर को पेश कर उसके शरीर पर मौजूद चोटों के निशान दिखाए। मजिस्ट्रेट के समक्ष नौकर के बयान भी दर्ज करवाए गए।