17 February 2019



प्रादेशिक
बीमारी के कारण मित्रा ने छोड़ा प्रदेश
29-11-2013
भारतीय पुलिस सेवा के महानिदेशक और डायरेक्टर जवाहर लाल नेहरू पुलिस अकादमी डीएम मित्रा की केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति हो जाने पर उनकी सेवाएं भारत सरकार को सौंप दी गई हैं। डीजी के एक पद के खाली होते ही अब 1984 बैच के अफसरों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं मगर उन्हें जनवरी 2014 के पहले पदोन्नति मिलने की संभावना नहीं है।

आईपीएस अधिकारी वीके पंवार और रमेश शर्मा के सिंतबर और अक्टूबर 2013 में रिटायर हो जाने के बाद अक्टूबर में 1983 बैच के आईपीएस अधिकारियों डीएम मित्रा और ऋषि कुमार शुक्ला को महानिदेशक के रूप में पदोन्नत किया गया था। मित्रा को डायरेक्टर जेएनपीए सागर के तौर पर पदस्थ किया गया था।

पदस्थापना में बीमारी का नहीं रखा गया ध्यान

सूत्र बताते हैं कि मित्रा ने बीमारी के चलते भोपाल या इंदौर में कोई पदस्थापना देने का आग्रह किया था मगर सरकार ने उनका निवेदन नहीं माना। जेएनपीए सागर में पदस्थ कर दिया।

मित्रा की पत्नी रीना मित्रा केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं। उन्होंने स्वास्थ्य की वजह से केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के प्रयास किए और वे कामयाब भी रहे। मित्रा के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो [एनसीआरबी] में ज्वाइंट डायरेक्टर के तौर पर चले जाने के कारण से अब फिर डीजी का एक पद रिक्त हो गया है।

30 साल की सेवा बाधक

आईपीएस अफसरों के 1984 बैच को कम से कम जनवरी तक इंतजार करना होगा क्योंकि नियमों के मुताबिक महानिदेशक के रूप में पदोन्नति के लिए 30 साल की सेवा करना जरूरी है। इस बैच के विजय कुमार सिंह, संजय चौधरी, एमएस गुप्ता, सुखराज सिंह और विवेक जौहरी हैं। ऐसे में विजय कुमार सिंह की पदोन्नति का रास्ता जनवरी में खुल जाएगा मगर सुखराज सिंह को संभवत: एडीजी से ही अप्रैल 2014 में रिटायर होना प़़ड सकता है। बैच के अन्य आईपीएस अधिकारियों को डीजी जेल सुरेंद्र सिंह, चेयरमैन पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन एसएस लाल और डीजी होमगार्ड ऋषिकुमार शुक्ला के रिटायरमेंट के बाद अवसर मिलेंगे।